Bareillylive : विक्रम संवत् 2083 के पावन अवसर पर आनंद आश्रम मंदिर में व्रतोत्सव पत्रिका का विमोचन एक भव्य समारोह में संपन्न हुआ। श्री ज्योर्तिमयानन्द सरस्वती जी महाराज की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम ने नूतन संवत्सर की शुरुआत को उत्साहपूर्ण बनाया। आश्रम परिसर को खूब सजाया गया था, जहां भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।
कार्यक्रम का शुभारंभ मंगल पाठ और दीप प्रज्वलन से हुआ। फिर अध्यक्ष श्री ज्योर्तिमयानन्द सरस्वती जी महाराज ने विमोचन कर पत्रिका को सभी के समक्ष प्रस्तुत किया। इस अवसर पर प्रमुख वक्ताओं ने नूतन संवत्सर के महात्म्य पर अपने विचार रखे। पं. अरविन्द गौड़ ने कहा कि नया संवत्सर जीवन में नई ऊर्जा का संचार करता है, जो हमें धर्म, कर्म और सेवा के पथ पर चलने की प्रेरणा देता है। आचार्य मेधाव्रत शास्त्री ने व्रतोत्सव पत्रिका की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह ग्रंथ व्रत काल, पूजन विधि और फल प्राप्ति के रहस्यों को सरल भाषा में समझाता है।
इं. पं. देशदीपक शास्त्री ने नव संवत्सर को सुख-समृद्धि का प्रतीक बताते हुए भक्तों से आह्वान किया कि वे संवत्सर के अनुसार जीवन जिएं। उन्होंने कहा कि यह पत्रिका व्रत, त्योहारों और धार्मिक अनुष्ठानों की विस्तृत जानकारी प्रदान करने वाली महत्वपूर्ण प्रकाशन है, जो भक्तों के लिए मार्गदर्शक का कार्य करती है। पं. पियूष जी ने आध्यात्मिक दृष्टि से चर्चा की, जबकि पं. सचिन शास्त्री ने युवाओं को धार्मिक परंपराओं से जोड़ने पर बल दिया। कार्यक्रम में आनंद आश्रम कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष पंकज अग्रवाल और मंत्री अनिल अग्रवाल सहित अनेक भक्तजन उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में श्री ज्योर्तिमयानन्द सरस्वती जी ने सभी भक्तों को आशीर्वाद प्रदान किया और नव संवत्सर की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा, “यह संवत्सर सभी के लिए कल्याणकारी हो, स्वास्थ्य, धन और भक्ति की वर्षा हो।” व्रतोत्सव पत्रिका का विमोचन न केवल धार्मिक आयोजन था, बल्कि सामुदायिक एकता का प्रतीक भी। आनंद आश्रम नियमित रूप से ऐसे कार्यक्रम आयोजित कर भक्तों को धार्मिक ज्ञान प्रदान करता रहता है। इस समारोह ने स्थानीय स्तर पर नव संवत्सर उत्सव की धूम को और बढ़ा दिया। भक्तों ने प्रसाद ग्रहण कर कार्यक्रम का समापन किया।






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