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उत्तर प्रदेश : दुर्गा पूजा के सार्वजनिक आयोजन पर प्रतिबंध, रामलीला मंचन हो सकेगा

लखनऊ। त्योहारों का सीजन शुरू होने ही वाला है। अक्टूबर और नवंबर में उत्सवों की बहार रहेगी। लेकिन, इस “उत्सवी बयार” पर कोरोना वायरस का असर नजर आएगा। सरकार की सख्त गाइलाइंस का पालन करना होगा अन्यथा कानून का डंडा आपके रंग में भंग कर सकता है। बहरहाल, नवरात्र, दशहरा, धनतेरस और दीपावली जैसे प्रमुख त्योहार आने वाले हैं। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने फिलहाल दो प्रमुख आयोजनों दुर्गा पूजा और रामलीला को लेकर गाइडलाइंस जारी की हैं। इस बार सार्वजनिक दुर्गा पूजा के आयोजनों पर रोक लगाई गई है। रामलीला का मंचन हो सकेगा लेकिन इसके लिए बेहद सख्त नियम बनाए गए हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि रामलीलाओं का मंचन प्राचीन परंपरा है। दशकों से परंपरा के अनुसार रामलीलाएं होती आई हैं। ऐसे में इस बार परंपरा न टूटे इसलिए रामलीलाओं के मंचन को छूट दी गई है लेकिन इसके लिए कुछ नियम और शर्तें भी लागू की गई हैं। रामलीला स्थलों पर 100 से ज्यादा दर्शक एकत्र नहीं हो सकेंगे। इन दर्शक को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना होगा। रामलीला स्थल का सैनिटाइजेशन करना होगा। रामलीला स्थल पर मौजूद लोगों को सैनिटाइजर का इस्तेमाल करना होगा। सभी लोगों को सही तरीके से मास्क लगाना होगा।

दुर्गा पूजा के लिए नियम

दुर्गा पूजा के सार्वजनिक आयोजनों पर रोक रहेगी। दुर्गा पूजा के दौरान किसी को भी जुलूस निकालने की इजाजत नहीं होगी। लोग अपने घर में मूर्ति स्थापित करके पूजा कर सकते हैं। दुर्गा पूजा के सार्वजनिक पंडालों पर इसलिए रोक है ताकि भीड़ एकत्र न हो।

मेलों पर भी प्रतिबंध

दुर्गा पूजा के दौरान और दशहरे पर मेले का आयोजन होता रहा है लेकिन इस बार यह परंपरा टूट जाएगी। मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने कहा है कि मेला लगेगा तो भीड़ जमा होगी और कोरोना वायरस का संक्रमण फैलने का खतरा भी बढ़ेगा।  

बैंड, बाजा, बारात की अनुमति

शादी-ब्याह का भी सीजन आ रहा है। ऐसे में बैंड-बाजा और रोड लाइट की अनुमति दी जा रही है। लेकिन, शादी-बारात में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना जरूरी होगा। इन आयोजनों में 100 से ज्यादा लोग शामिल नहीं हो सकेंगे।

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