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कानपुर पुलिस लाइन में बैरक की छत ढही, एक सिपाही की मौत, तीन की हालत नाजुक

कानपुर। कानपुर पुलिस लाइन में बैरक की छत ढहने से कई सिपाही मलबे में दब गए। घटना की जानकारी मिलते ही वरिष्ठ अधिकारी और कई थानों की पुलिस घटनास्थल पर पहुंच कर राहत कार्य में जुट गई। मलबे में दबे सिपाहियों को निकाल अस्पताल भेजा गया जहां इलाज के दौरान एक सिपाही ने दम तोड़ दिया। तीन सिपाहियों की हालत गंभीर बनी हुई है। घायलों को रीजेंसी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। एसएसपी डॉ. प्रीतिंदर सिंह ने बताया कि हादसे के कारणों की जांच के आदेश दिए गए हैं। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

पुलिस लाइन में वर्ष 1948 में चार बैरकों का निर्माण कराया गया था। दोमंजिला ये चारों बैरक पुलिस लाइन की सबसे पुराने इमारतों में हैं। इनमें से बैरक नंबर एक बेहद जर्जर हालत में थी। पिछले कई दिनों से बरसात होने पर इसकी छत से पानी टपक रहा था। इसकी शिकायत की गई पर अधिकारियों ने अनसुनी कर दी। सिपाही जान हथेली पर रख कर यहां रहते रहे।

सोमवार की रात करीब पौने दस बजे सिपाही ड्यूटी से लौटकर खा-पीकर अपने-अपने बेड पर आराम करने को पहुंचने लगे थे। इसी दौरान पुलिस लाइन के मुख्य गेट की ओर से बैरक के दाहिनी ओर के हिस्से वाला बरामद भरभराकर गिर गया। बरामदे की छत एक ओर से गिरनी शुरू हुई और देखते ही लगभग 50 फिट बरामदे की छत नीचे आ गई।

गंभीर घायलों में राकेश पुत्र रामभरोसे निवासी थाना अछल्दा जनपद औरैया, अमृतलाल पुत्र मंगल प्रसाद निवासी थाना सैनी जनपद कौशांबी, मनीष पुत्र प्रभु दयाल निवासी थाना अजीतमल जनपद औरैया शामिल हैं। हादसे में आधा दर्जन से अधिक सिपाही मामूली रूप से घायल हुए। सिपाही अरविंद सिंह पुत्र लालता प्रसाद गांव लालपुर थाना बेवर जनपद मैनपुरी की मौत हुई है।

पुलिस लाइन में वर्ष 1948 में चार बैरकों का निर्माण कराया गया था। दोमंजिला ये चारों बैरक पुलिस लाइन की सबसे पुराने इमारतों में हैं। इनमें से बैरक नंबर एक बेहद जर्जर हालत में थी। पिछले कई दिनों से बरसात होने पर इसकी छत से पानी टपक रहा था। इसकी शिकायत की गई पर अधिकारियों ने अनसुनी कर दी। सिपाही जान हथेली पर रख कर यहां रहते रहे।

सोमवार की रात करीब पौने दस बजे सिपाही ड्यूटी से लौटकर खा-पीकर अपने-अपने बेड पर आराम करने को पहुंचने लगे थे। इसी दौरान पुलिस लाइन के मुख्य गेट की ओर से बैरक के दाहिनी ओर के हिस्से वाला बरामद भरभराकर गिर गया। बरामदे की छत एक ओर से गिरनी शुरू हुई और देखते ही लगभग 50 फिट बरामदे की छत नीचे आ गई।

गंभीर घायलों में राकेश पुत्र रामभरोसे निवासी थाना अछल्दा जनपद औरैया, अमृतलाल पुत्र मंगल प्रसाद निवासी थाना सैनी जनपद कौशांबी, मनीष पुत्र प्रभु दयाल निवासी थाना अजीतमल जनपद औरैया शामिल हैं। हादसे में आधा दर्जन से अधिक सिपाही मामूली रूप से घायल हुए। सिपाही अरविंद सिंह पुत्र लालता प्रसाद गांव लालपुर थाना बेवर जनपद मैनपुरी की मौत हुई है।

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