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कोरोना वायरसः दुनियाभर के मीडिया में सुर्खियां बनी जनता कर्फ्यू की सफलता

नई दिल्ली। कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव के लिए जनता कर्फ्यू लगाने की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील को जिस तरह लोगों का व्यापक समर्थन मिला और रविवार को भारत में शहर के शहर वीरान नजर आए उससे दुनियाभर का मीडिया विस्मित है। कोरोना वायरस के खिलाफ जंग का नरेंद्र मोदी का यह आह्वान और उसको मिला जनसमर्थन सोमवार को दुनिया के सभी प्रमुख अखबारों में सुर्खियां बना। संयुक्त राष्ट्र ने भी इस कदम को सराहा है। संयुक्त राष्ट्र ने ट्वीट किया, “भारत के 1.2 अरब लोगों ने अपने साइलेंट हीरोज के प्रति आभार प्रकट किया। हम  उन कोरोना वारियर्स को सलाम करते हैं, जो इस महामारी और देश के बीच में मजबूती से खड़े हैं।”

बीबीसीः भारत में एक अरब से ज्यादा लोगों ने रविवार को 14 घंटे लंबे जनता कर्फ्यू का पालन किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इससे कोरोनावायरस से लड़ाई में मदद मिलने की बात कही थी। पिछले हफ्ते देश के नाम संबोधन में प्रधानमंत्री ने लोगों से कहा था कि यह वायरस के खिलाफ जंग में देश की तैयारी की परीक्षा होगी। मोदी ने लोगों से रविवार को सुबह 7 बजे से रात 9 बजे तक घरों के अंदर रहने को कहा था।

द गार्जियनः प्रधानमंत्री की अपील पर 1.3 अरब की जनसंख्या ने भरपूर समर्थन दिखाया और कोरोनावायरस के संक्रमण को रोकने के लिए घरों से नहीं निकले। कर्फ्यू शुरू होने के बाद, यहां कई राज्यों को लंबे समय के लिए लॉकडाउन करने की घोषणा कर दी गई। रेलवे को रोक दिया गया, जिसमें हर दिन 2.3 करोड़ लोग यात्रा करते हैं। शाम को लोगों ने बालकनी पर ताली बजाकर स्वास्थ्य कर्मियों के प्रति आभार व्यक्त किया।


द डॉनः पाकिस्तान के इस प्रमुख अखबार ने लिखा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील पर रविवार को करोड़ों भारतीय घरों के अंदर रहे। जनता कर्फ्यू स्वैच्छिक था और लोगों के आने-जाने पर प्रतिबंध नहीं था, लेकिन मोदी की अपील ने यहां सड़कों से भीड़ गायब कर दी।”
अल जरीराः जनता कर्फ्यू के दिन शहर वीरान हो गए। लोगों ने प्रधानमंत्री मोदी की अपील पर समर्थन दिया और सड़कों पर नहीं निकले। नई दिल्ली, मुंबई और कोलकाता जैसे महानगरों में सड़कें खाली हो गईं।


रशिया टुडेः कोविड-19 के प्रति जागरुकता लाने और हालात से निपटने के लिए भारत में 14 घंटे का स्वैच्छिक कर्फ्यू लगाया गया। इस दौरान लोगों की सोशल आइसोलेशन और क्वारैंटाइन में रहने की तैयारी को भी परखा गया। रूक के इस अखबार न  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस बयान को भी प्रकाशित किया गया जिसमें उन्होंने देशवासियों से कहा था, “हम सब इस कर्फ्यू का हिस्सा बनें, जिससे देश को इस महामारी के खिलाफ लड़ाई में ताकत मिलेगी।”

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