The Voice of Bareilly since 2010

कोरोना वायरस से जंग : दूसरे चरण में घर-घर होगी जांच, हर कंटेनमेंट जोन में बनेगा एक बफर जोन

नई दिल्ली। “अदृश्य दुश्मन” कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई अब दूसरे चरण में पहुंच चुकी है। इस चरण में छोटे शहरों, कस्बों और गांवों के अंदर यानी घर-घर जाकर संभावित संक्रमितों की पहचान करने के साथ ही उनके संपर्क में आने वालों की तलाश और इलाज की पुख्ता व्यवस्था की जाएगी।

स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा, “अब गांव-गांव में कंटेनमेंट जोन की पहचान की जाएगी और स्पेशल टीमें बनाकर घर-घर की जांच की जाएगी।”

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने दूसरे चरण की जो रणनीति बनाई है, उसके अनुसार अब लड़ाई चेन ऑफ ट्रांसमिसन को ब्लॉक करने की है। इसके लिए हर संभावित संक्रमित और उसके संपर्क में कौन-कौन आया, उन सभी का पता लगाने का अभियान छेड़ा जाएगा। लव अग्रवाल ने कहा, “कोविड-19 के मरीज किन-किन इलाकों में हैं, उसका विश्लेषण किया जाएगा। सोची-समझी रणनीति बनाकर जहां केस आए हैं, वहां कंटेनमेंट जोन घोषित किए जा सकते हैं। इनमें कोई आवासीय कॉलनी, मोहल्ला, म्यूनिसिपल वॉर्ड, पुलिस स्टेशन एरिया, निगम क्षेत्र या पूरा शहर आ सकता है।”
ग्रमीण क्षेत्रों में कोई गांव या कुछ गांवों का समूह या थाना क्षेत्र, ग्राम पंचायत या प्रखंड, इस तरह के इलाकों को कंटेनमेंट जोन घोषित करना होगा। इसके साथ ही, हर कंटेनमेंट जोन में एक बफर जोन भी बनाना होगा ताकि इलाके की गतिविधियों और जरूरतों पर नजर रखी जा सके। बफर जोन में सभी स्वास्थ्य सुविधाएं सुनिश्चित की जाएंगी।

कोरोना वायरस से संक्रमण की रोकथाम और संक्रमितों की पहचान के लिए कठोर मानदंड लागू करने के साथ स्पेशल टीम भी बनानी होगी जो कंटेनमेंट जोन में घर-घर जाकर जांच करेगी। स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव ने बताया, “स्पेशल टीमें सभी केसों की सक्रियता से जांच करें। उनका फोकस इन्फ्लुएंजा जैसी बीमारियों और सांस से संबंधी गंभीर बीमारियों के लक्षण वाले लोगों का पता लगाना हो और उनकी सैंपलिंग की जाए, सारे कॉन्टैक्ट्स ट्रेस किए जाएं और फिर उनका क्लीनिकल मैनेजमेंट हो।”

error: Content is protected !!