The Voice of Bareilly since 2010

Depression : “लॉकडाउन में लोगों को लिखें चिट्ठी, महसूस कराएं कि आप उनकी चिंता करते हैं”

लंदन।  कोरोना वायरस संक्रमण को रोकने के लिए लागू किया गया लॉकडाउन आर्थिक संकट के साथ ही शारीरिक और मानसिक परेशानियों की वजह भी बन रहा है। लगातार घर के अंदर रहने, वर्क फ्राम होम आदि के चलते लोगों का आपसी संपर्क कम हो गया है। कई मामलों में आसापस कोई बातचीत करने वाला, हौसला बढ़ाने वाला न होने की वजह से लोग अवसाद (Depression) का शिकार हो रहे हैं। हर हाथ में मोबाइल फोन, इंटरनेट आदि के चलते चिट्ठी लिखना गुजरे जमाने की बात हो गई है। वही चिट्ठी जिसका कभी लोगों को बसब्री से इंतजार रहता था और जो अपने साथ किसी के साथ अपनेपन का एहसास लेकर आती थी। ऐसे में ब्रिटेन में अकेलापन विभाग की मंत्री डिएना बर्रान ने सोमवार को लोगों से कहा कि वे कोरोना लॉकडाउन के चलते लोगों के अकेलेपन में उन्हें चिट्ठी लिखें। दुनिया में इस तरह का यह पहला मंत्रालय थेरेसा के प्रधानमंत्री रहते बनाया गया था। उन्होंने जनवरी 2018 में पहली बार इस विभाग का गठन कर इस पर मंत्री की नियुक्ति की थी।

डिएना बर्रान डिजिटल, मीडिया, कल्चर और स्पोर्ट्स विभाग में जूनियर मंत्री हैं। उन्होंने कहा, “हो सकता है कि लोग पत्र लिखने की कला धीरे-धीरे भूल गए हो लेकिन लोगों से संपर्क यह सबसे महत्वपूर्ण तरीका है। इसलिए अपने दोस्तों, परिवार और पड़ोसियों को यह जताने के लिए कि हम उनके बारे में सोचते हैं, यह बेहतरीन रास्ता है।” उन्होंने आगे कहा, “पिछले कुछ महीनों से अकेलापन हमारे दिलो-दिमाग में छा गया है। इस बारे में हम सब की दयालुता की भावना है और हम एक दूसरे की ओर देख रहे हैं। हम लोगों में से कुछ सामान्य होने की शुरुआत कर दी है लेकिन उन लोगों को नहीं भूल सकते हैं जिन्हें अभी लंबे समय तक घरों में रहने की जरूरत है और अकेलापन उनके लिए बड़ा खतरा हो सकता है।”

दरअसल, डिएना बर्रान की यह पहल अकेलापन जागरुकता सप्ताह (जून15-19) का एक हिस्सा है। रॉयल मेल के मुताबिक, करीब तीन चौथाई (74 प्रतिशत) लोग ऐसा महसूस करते हैं कि पत्र लिखना मानसिक स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है।

error: Content is protected !!