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दुर्गाबाड़ी में 57 साल से बंगाली संस्कृति के अनुरूप होता है दुर्गा पूजन

दुर्गाबाड़ी में 57 साल से दुर्गा पूजनबरेली। रामपुर गार्डन स्थित दुर्गा बाड़ी में दुर्गा पूजा के लिए माता का दरबार सज गया है। शेष तैयारियां भी लगभग पूरी हो चुकी हैं। सोमवार को दुर्गाबाड़ी के सादस्यों ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बरेली में रहने वाले कुछ बंगाली नागरिकों द्वारा 1960 में शुरू की गई परंपरा लगातार चल रही है। यह पूजा का 57वां साल है। दुर्गाबाड़ी के सभी सदस्य आज भी बंगाली संस्कृति के अनुरूप शारदीय दुर्गा पूजा, काली पूजा, कोजागोरी लक्ष्मी पूजा, सरस्वती पूजा आदि धूमधाम के साथ करते हैं।

दुर्गाबाड़ी में 26 सितंबर को षष्ठी पूजन से इस साल के समारोह का शुभारम्भ होगा, जो 30 सितम्बर को पूर्ण होगा। 26 सितम्बर को षष्ठी पूजा, आमंत्रण व अधिवास पूजा होगी। इसमें दो प्रकार के पौधों की पूजा होगी। 27 को सप्तमी पूजन के साथ सदस्यों द्वारा रक्तदान शिविर का भी आयोजन आईएमए के सहयोग से किया जा रहा है। 20 सितम्बर को विभिन्न प्रकार के फूल और सब्जियों के साथ ही 108 कमल पुष्पों से मां का पूजन किया जाएगा। 29 को महानवमी पूजन के बाद 30 सितम्बर को दशमी को मां की प्रतिमा का विसर्जन किया जाएगा। इसके बाद शाम को दुर्गाबाड़ी में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।

इस अवसर पर सचिव एस.के.मखर्जी, अमोल सरकार, ए.एन. आदित्य, शेखर गुहा, डीसी भंज, सुजॉय मुखर्जी, गौतम रॉय, श्यामल भट्टाचार्य, अभयदीप नाथ, एस. रॉय चौधरी, माणिक पाल, गौतम सरकार, शिव चंद्र चटर्जी, पंकज बोस और देवाशीष दत्ता उपस्थित रहे।

 

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