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गुरु-पुष्य नक्षत्र का महायोग 9 नवम्बर को,ऐसा करने से होगी मन की हर इच्छा पूरी

गुरु-पुष्य नक्षत्र योग जिसे हम गुरुपुष्यामृत योग भी कहते है,यह महायोग इस साल 9 नवम्बर को बनने जा रहा है।  यह गुरु-पुष्य नक्षत्र 9 नवंबर की दोपहर 1:39 से लेकर अगले दिन सूर्योदय तक रहेगा। इसका ज्योतिष में बहुत महत्व है। इस ज्योतिषीय योग के दौरान देवगुरु बृहस्पति का पुष्य नक्षत्र में प्रवेश होता है। यह महायोग साल में एक या दो बार ही आता है। यह समय अत्यंत प्रभावशाली माना जाता है।ज्योतिषीयों का मानना है कि इस शुभ संयोग में मन की हर इच्छा पूरी होती है।
गुरु-पुष्य नक्षत्र महत्व
ज्योतिषीय योग गुरु-पुष्य नक्षत्र बहुत कम बनता है। जब पुष्य नक्षत्र गुरुवार के दिन इस राशि में प्रवेश करता है तब इस योग का निर्माण होता है। यह योग एक साधक के लिए बेहद शुभ माना जाता है लेकिन अन्य लोग भी इस योग के लाभ पा सकते हैं।
देव गुरु बृहस्पति की आराधना 
इस गुरु-पुष्य नक्षत्र में बृहस्पति देव की आराधना के साथ-साथ महालक्ष्मी की आराधना भी लाभकारी माना गया है। ऐसा माना जाता है कि धन की देवी इस महायोग में भक्त के हरेक मनोकामना पूर्ण करती हैं। साथ ही इस नक्षत्र में किसी भी प्रकार की पूजा का फल अत्यंत शुभ होता है।
गुरु पुष्य नक्षत्र के लाभ
इस गुरु-पुष्य महायोग में योग में शनि की महादशा रहेगी। कुंभ लग्न का उदय होगा और चंद्रमा कर्क राशि पर राहु के साथ रहेंगे। इसके अलावे सूर्य और बृहस्पति भी उच्च स्थान पर होंगे। इस कारण राजयोग का निर्माण होगा। जिन जातकों की शनि की दशा चल रही है उन्हें अच्छा प्रभाव मिलेगा। इस योग में तंत्र विद्या से संबंधित शक्तियां भी जागृत की जाती है।
कोई भी ब्यक्ति इस शुभ महूर्त का लाभ प्राप्त कर सकता है। और अशुभ या बुरी अवस्था से बच सकता है।
अपने जीवन में दिन-प्रतिदिन सफलता की प्राप्ति के लिए इसदिन से बढकर कोई दिन नही माना जाता।
इस दिन यानी गुरु पुष्य नक्षत्र मे नौकरी या इंटर्व्यू के लिये अप्लाई कर सकते है।
नये ब्यापार की आधार शिला रखकर सफलता प्राप्त की जा सकती है।
सफलता पाने के लिये कोई भी बंद पडा हुआ काम की शुरुवात कर सकते है।
कोई भी महत्वपूर्ण काम की शुरुवात कर सकते है।
इस दिन नई गाडी ले सकते है।
इस दिन घर के लिये एडवांस बुकिंग कर सकते है।
इस दिन अपने नये घर मे प्रवेश कर सकते है।
जो साधना क्षेत्र मे है उन्के इस दिन दिक्षा या लक्ष्मी से संबंधित साधना अवश्य करनी चाहिये।

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