The Voice of Bareilly since 2010

तब्लीगी जमात प्रमुख मौलाना साद के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मुकदमा

नई दिल्ली। तब्लीगी जमात के अमीर (प्रमुख) मौलाना मोहम्मद साद कांधलवी की मुश्किलें बढ़ गई हैं। उसके खिलाफ बुधवार को गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया गया। दिल्ली पुलिस ने बुधवार को बताया कि निजामुद्दीन मरकज में आयोजित तब्लीगी जमात के कार्यक्रम में शामिल हुए लोगों में से कुछ की कोरोना वायरस संक्रमण की वजह से मौत हो जाने के बाद यह कदम उठाया गया है। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की टीम ने निजामुद्दीन मरकज में मौलाना साद के कमरे की तलाशी लेने के साथ ही उसके बेटों से भी पूछताछ की।

दिल्ली पुलिस के अनुसार, इस घातक बीमारी को काबू करने के लिए केंद्र सरकार की ओर से जारी किए गए सोशल डिस्टेंसिंग संबंधी दिशानिर्देशों के बाद भी मौलाना साद ने पिछले महीने निजामुद्दीन मरकज में धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया था। निजामुद्दीन थाना प्रभारी की शिकायत पर 31 मार्च को क्राइम ब्रांच थाने में मौलाना के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। पुलिस ने कहा कि शुरू में कार्यक्रम के आयोजन को लेकर मौलाना साद के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।

एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि तब्लीगी जमात कार्यक्रम में शामिल कई लोगों की कोरोना वायरस के कारण मौत हो जाने के बाद मौलाना साद के खिलाफ एफआईआर में आईपीसी की धारा 304 (गैर इरादतन हत्या) शामिल की गई है। एफआईआर में कहा गया है कि दिल्ली पुलिस ने 21 मार्च को निजामुद्दीन मरकज के अधिकारियों से संपर्क कर उन्हें सरकार के उस आदेश की याद दिलाई जिसमें किसी भी राजनीतिक या धार्मिक आयोजन में 50 से अधिक लोगों के शामिल होने पर रोक लगाई गई थी। इसमें कहा गया है कि बार-बार के प्रयासों के बावजूद, कार्यक्रम के आयोजकों ने स्वास्थ्य विभाग या किसी अन्य सरकारी एजेंसी को इस संबंध में सूचना नहीं दी और जानबूझकर सरकारी आदेशों की अवहेलना की। इस कार्यक्रम में हजारों लोगों ने भाग लिया था और उनमें से कई लोगों के जरिये कोरोना वायरस का संक्रमण अन्य लोगों तक फैला।

1900 जमातियों पर कार्रवाई, लुकआउट नोटिस जारी

निजामुद्दीन मरकज से निकलने के बाद से फरार चल रहे तब्लीगी जमातियों के खिलाफ भी दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने लुकआउट सर्कुलर जारी किया है। विदेश से आए करीब 1900 जमातियों पर यह कार्रवाई की गई है। देश में संभवत: पहली बार इतनी बड़ी संख्या में लुकआउट सुर्कलर जारी किए गए हैं। सूत्रों की मानें तो वीजा नियम का उल्लंघन कर विदेश से आए जमाती धार्मिक गतिविधि में शामिल हुए हैं। इन्हें चिह्नित किए जाने के बाद वीजा रद्द किए जा रहे हैं। विदेशी मूल के जमातियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

error: Content is protected !!