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गौवंश की सुरक्षा के लिए अधिकारी-कर्मचारियों से मांगा एक दिन का वेतन

उत्तर प्रदेश में जिलाधिकारियों द्वारा भेजे गए पत्र में कहा गया है कि गौवंश के कल्याण एवं पोषण के लिए जनपद के समस्त अधिकारियों/कर्मचारियों के माह जनवरी 2019 के वेतन से एक दिन का वेतन जमा किया जाना है।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने सड़कों पर घूमने वाले गौवंश की सुरक्षा के लिए जो कदम उठाए हैं, उनके अनुसार सरकारी अधिकारियों-कर्मचारियों को भी एक दिन का वेतन देना पड़ेगा। कई जिलाधिकारियों ने विभिन्न विभागों को पत्र भेजकर एक दिन का वेतन जमा करने का निर्देश दिया है। अन्य कदमों में कांजी हाउस का नाम बदलकर गौ-संरक्षण केंद्र किया जाना और गौ-कल्याण के लिए शराब पर ‘गौ कल्याण सेस’ लगाना शामिल हैं। अनाश्रित-आवारा गायों के लिए स्थानीय निकायों को 100 करोड़ रुपये देने की घोषणा भी की गई है।

जिलाधिकारियों द्वारा भेजे गए पत्र में कहा गया है कि गौवंश के कल्याण एवं पोषण के लिए जनपद के समस्त अधिकारियों/कर्मचारियों के माह जनवरी 2019 के वेतन से एक दिन का वेतन जमा किया जाना है। कोषाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे एक दिन के वेतन की कटौती करने के उपरान्त ही वेतन का भुगतान सुनिश्ति करें। शाहजहांपुर और अलीगढ़ के जिलाधिकारियों द्वारा इस बाबत लिखे गए पत्र गुरुवार को दिनभर चर्चा का विषय बने रहे

गौरतलब है कि आवारा-बेसहरा पशुओं से परेशान किसानों को राहत देने के लिए योगी आजित्यना सरकार ने नए साल में कई दिशा निर्देश जारी किए थे। प्रदेश के सभी ग्रामीण क्षेत्रों और शहरी स्थानीय निकायों में अस्थायी गोवंश आश्रय स्थल की स्थापना और संचालन नीति लागू की गई थी। इसके तहत ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत, जिला पंचायत, नगर पंचायत, नगर पालिका और नगर निगमों में अस्थायी गोवंश आश्रय स्थल खोले जाने हैं। इस मद में व्यय के लिए सरकार विभिन्न निधियों से धन जुटाएगी और उपकर भी वसूल करेगी।

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