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बंबई धमाकों में सजायाफ्ता रियाज अहमद सिद्दीकी की जमानत अर्जी सुप्रीम कोर्ट में खारिज

नई दिल्ली। वर्ष 1995 में बिल्डर प्रदीप जैन से रंगदारी मांगने व उनकी हत्या के मामले में सजा पा चुके रियाज अहमद सिद्दीकी की जमानत अर्जी सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को खारिज कर दी। महाराष्ट्र की यरवदा जेल में बंद 67 वर्षीय रियाज प्रदीप जैन की हत्या में उम्रकैद की सजा काट रहा है। वह वर्ष 1993 के बंबई सिलसिलेवार धमाकों में भी संलिप्त था और उसे 10 साल कैद की सजा भी हो चुकी है। वर्ष 1995 में बांबे का नाम बदलकर मुंबई किया गया है।

रियाज अहमद सिद्दीकी को बंबई बम धामकों के मामले में अबू सलेम के कबूलनामे के बाद 4 जनवरी 2006 को गिरफ्तार किया गया था।

न्यायमूर्ति एनवी रमना की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा, ‘दोनों पक्षों को सुनने के बाद हमें याचिकाकर्ता रियाज को जमानत देने का कोई कारण नहीं नजर आता, इसलिए जमानत अर्जी खारिज की जाती है।’ पीठ में न्यायमूर्ति एस. अब्दुल नजीर और न्यायमूर्ति सूर्यकांत भी शामिल थे।

रियाज कोरोना वायरस संक्रमित पाया गया है और उसका अस्पताल में इलाज चल रहा है। उसने कोरोना संक्रमण का हवाला देते हुए अपने वकीलों के माध्यम से अंतरिम जमानत की मांग की थी।

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