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एलएसी पर झड़प : आखिरकार चीन ने माना, लद्दाख में उसके भी सैनिक मारे गए

बीजिंग। पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर  हुई झड़प को लेकर अपने “भोंपू अखबार” ग्लोबल टाइम्स को आगे कर मंगलवार को दिनभर किंतु-परंतु करती रही चीनी सरकार ने अंततः आधिकारिक तौर पर मान लिया है कि उसके भी सैनिक हताहत हुए हैं। हालांकि चीन ने यह जानकारी नहीं दी है कि गलवान घाटी में हुई इस हिंसक झड़प के दौरान उसके कितने सैनिक सैनिक हताहत हुए हैं। ग्लोबल टाइम्स के हवाले से चीन की सेना (पीएलए) का यह बयान जारी हुआ है।

एलएसी पर सोमवार रात के घटनाक्रम के बाद एक चीनी सैन्य प्रवक्ता ने मंगलवार (16 जून) को भारतीय सैनिकों से अपील करते हुए कहा कि वे सीमा पर चीनी सैनिकों के खिलाफ सभी भड़काऊ कार्रवाइयों को तुरंत रोकें और बातचीत के माध्यम से विवादों को सुलझाने के सही रास्ते पर वापस आएं। पीएलए ने कहा, “भारतीय सैनिकों ने एक बार फिर गलवान घाटी क्षेत्र में वास्तविक नियंत्रण रेखा को पार किया और जानबूझकर उकसाने वाले हमले किए जिससे गंभीर संघर्ष हुआ और सैनिक हताहत हुए।”

चीन की सेना पीएलए (People’s Liberation Army) के पश्चिमी थिएटर कमांड के प्रवक्ता कर्नल झांग सुइली ने मंगलवार को कहा, “गलवान घाटी क्षेत्र पर हमेशा से चीन की संप्रभुता रही है। सीमा पर निगरानी कर रहे भारतीय सैनिक अपने शब्दों पर कायम नहीं रहे हैं और दोनों देशों के बीच हुए समझौतों का गंभीर उल्लंघन किया है। इससे सेना कमांडर-स्तरीय वार्ता के दौरान बनी सहमति और दोनों सेनाओं के रिश्तों के साथ ही दोनों देशों की जनता की भावनाओं को नुकसान पहुंचा है।”

चीन ने भारत पर लगाया सीमा लांघने का आरोप

चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिनजियान ने सीमा पर भारतीय सैनिकों के शहीद होने की खबर के बारे में पूछे जाने पर बीजिंग में कहा, ”आप जो सूचना दे रहे हैं उसके बारे में मुझे जानकारी नहीं है।” झाओ ने कहा, ”हमारे सैनिकों की उच्चस्तरीय बैठक हुई थी और सीमा पर स्थिति को सामान्य बनाने के बारे में महत्वपूर्ण सहमति बनी थी लेकिन आश्चर्यजनक रूप से 15 जून को भारतीय सैनिकों ने हमारी सहमति का गंभीर रूप से उल्लंघन किया और अवैध गतिविधियों के लिए दो बार सीमा रेखा लांघी, चीन के कर्मियों को उकसाया एवं उन पर हमले किए जिससे दोनों पक्षों के बीच गंभीर रूप से मारपीट हुई। चीन ने भारतीय पक्ष से कड़ा विरोध दर्ज कराया है।”

झाओ लिनजियान ने आगे कहा, ”हम एक बार फिर भारतीय पक्ष से कहते हैं कि सहमति का पालन करें, अग्रिम मोर्चे के अपने सैनिकों पर कड़ाई से नियंत्रण करें और रेखा नहीं लांघें, समस्या पैदा नहीं करें या एकतरफा कदम नहीं उठाएं जिससे मामला जटिल बन जाए।” झाओ ने कहा कि दोनों पक्ष वार्ता और विचार-विमर्श के माध्यम से मुद्दे के समाधान, स्थिति को सामान्य बनाने के प्रयास पर सहमत हुए और सीमावर्ती क्षेत्र मे शांति एवं सुरक्षा बनाए रखने पर रजामंदी दी।

उधर नई दिल्ली में भारतीय सेना के मुताबिक, पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में सोमवार को चीन के सैनिकों के साथ हिंसक झड़प के दौरान एक अधिकारी और दो सैनिक शहीद हो गए। पिछले 45 वर्षों में भारत-चीन सीमा पर इस तरह की पहली घटना है जो व्यापक तनाव को दर्शाती है। सेना ने यह भी कहा कि हिंसक झड़प के दौरान दोनों तरफ के सैनिक मारे गए हैं।

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