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तीन तलाक विधेयक लोकसभा में पारित, पक्ष में पड़े 303 वोट

नई दिल्ली। तीन तलाक विधेयक गुरुवार को लोकसभा में पारित हो गया। इसके पक्ष में 303 जबकि विपक्ष में 82 वोट पड़े। इससे पहले टीएमसी, जेडीयू और कांग्रेस के सांसद मतदान का बहिष्कार करते हुए सदन से वॉक आउट कर गए। तीन तलाक बिल लोकसभा में पास होने के बाद बिल पर संशोधन पर वोटिंग की गई। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के अध्यक्ष व हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी की ओर से लाये गए संशोधन को सदन ने ध्वनिमत से खारिज कर दिया।  

विधेयक पर सदन में हुई बहस के दौरान केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि तीन तलाक के मामले में स्टेकहोल्डर केवल पीड़ित मुस्लिम महिलाएं हैं, मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड इस मामले में स्टेक होल्डर नहीं है। कांग्रेस पर तीखा वार करते हुए प्रसाद ने कहा, “फैसले के बाद 24 जुलाई तक तीन तालक के 345 मामले आए हैं। क्या हमें इन महिलाओं को सड़कों पर छोड़ देना चाहिए? मैं नरेंद्र मोदी सरकार में मंत्री हूं, राजीव गांधी सरकार में नहीं।“

बिल पर चर्चा का जवाब देते हुए कानून मंत्री ने कहा कि दहेज के खिलाफ कानून आप (कांग्रेस) लाये, 498 A आप लाये, फिर शाह बानो के केस में ऐसा क्या हो गया कि भारी बहुमत होने के बाद भी आपके कदम हिलने लगे। कांग्रेस पर निशाना साधते हुए प्रसाद ने आगे कहा कि शाह बानो से लेकर शायरा बानो तक यही चल रहा है। वोट बैंक की राजनीति के कारण यह हो रहा है। आज तीन तलाक पर कांग्रेस के पांव फिर हिल रहे हैं। 

असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि इस्लाम में 9 तरह के तलाक हैं। उन्होंने कहा कि ऐसा कानून बनाना महिलाओं पर जुल्म करने जैसा है। सरकार औरतों पर जुल्म क्यों कर रही है? यदि शौहर को तीन साल के लिए जेल भेज दिया जायेगा तो गुजारा भत्ता कौन देगा?

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