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यूपी में गेहूं खरीद 15 अप्रैल से, किसानों को ऑनलाइन टोकन जारी करेंगे क्रय केंद्र

लखनऊ। उत्तर और मध्य भारत में नवरात्र के साथ ही रबी की फसल  की कटाई का समय शुरू हो जाता है। ठीक इसी दौरान कोरोना वायरस की वजह से लॉकडाउन लागू किए जाने से किसानों के सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया है। गेहूं, चना, मटर आदि की फसल खेतों में तैयार खड़ी है पर किसान उसको मंडी तक नहीं पहुंचा पा रहे। ऐसे में फसल के खराब होने की आशंका के साथ ही किसानों को यह चिंता भी सताने लगी है कि कि वे ऋण कैसे चुका पाएंगे और अगली फसल की बोवाई कैसे होगी। इसी के मद्देनजर प्रदेश सरकार ने तैयारी शुरू कर दी है। किसानों की मदद के लिए खाद और क्रय केंद्र खोलने के साथ ही 15 अप्रैल से गेंहूं की खरीद की जाएगी। क्रय केंद्र किसानों को ऑनलाइन टोकन जारी करेंगे।

गेहूं खरीद की तैयारियों की समीक्षा के लिए शनिवार को प्रमुख सचिव खाद्य एवं रसद देवेश चतुर्वेदी और खाद्य आयुक्त मनीष चौहान की ओर से विभिन्न क्रय एजेंसियों और संभागीय खाद्य नियंत्रकों के साथ की गई वीडियो कांफ्रेंसिंग में ये निर्देश दिये गए। इसके अनुसार, सरकारी खरीद के दौरान क्रय सभी केंद्रों पर किसानों की भीड़ रोकने के लिए सरकार ऑनलाइन टोकन व्यवस्था लागू करेगी। क्रय केंद्रों पर मौजूद किसानों का गेहूं उसी दिन खरीदने के निर्देश दिये गए हैं।

गेहूं बिक्री के इच्छुक किसान क्रय केंद्र प्रभारियों से संपर्क कर या उन्हें फोन करके अपना कृषक पंजीकरण नंबर बताएंगे और उनसे क्रय केंद्र पर बिक्री के लिए संभावित तारीख आवंटित करने को कहेंगे। उनके अनुरोध पर क्रय केंद्र प्रभारी ऑनलाइन टोकन जेनरेट करेंगे। यह टोकन एसएमएस के माध्यम से किसान के पंजीकरण प्रपत्र में दर्ज मोबाइल नंबर पर भेज दिया जाएगा। क्रय केंद्र प्रभारियों का जिलावार और संस्थावार नाम और फोन नंबर खाद्य विभाग के पोर्टल पर खरीद सारांश के लिंक गेहूं क्रय केंद्रों का विवरण में उपलब्ध है। जो किसान पहले से पंजीकृत नहीं हैं, ऐसे किसानों की सुविधा के लिए उन्हें अपना आधार कार्ड ले जाने पर क्रय केंद्र प्रभारी द्वारा मौके पर ही उसके फोटो पहचान पत्र, बैंक पासबुक और खतौनी की प्रति के आधार पर पंजीकरण सुनिश्चित किया जाएगा।

प्रमुख सचिव ने गेहूं खरीद के लिए सभी तैयारियां 13 अप्रैल तक पूरी करने का निर्देश दिया है। खरीद के दौरान क्रय केंद्र पर किसानों, केंद्र प्रभारी, हैंडलिंग एवं परिवहन ठेकेदार के श्रमिकों को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने के साथ चेहरे पर मास्क या कवर लगाना अनिवार्य होगा। क्रय केंद्रों पर सैनिटाइजर और साबुन-पानी की व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए गए हैं। 

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