नई दिल्ली, 13 फरवरी 2026: दिल्ली विश्वविद्यालय के उत्तर कैंपस में यूजीसी की जाति संबंधी नियमों के समर्थन में चल रहे विरोध प्रदर्शन के दौरान एक महिला पत्रकार और यूट्यूबर रुचि तिवारी पर कथित तौर पर भीड़ द्वारा हमला किया गया। पीड़िता ने आरोप लगाया कि उन्हें उनकी ब्राह्मण जाति के कारण निशाना बनाया गया, जिसमें गला घोंटने, कपड़े फाड़ने की कोशिश और मारपीट शामिल थी।
घटना दिल्ली यूनिवर्सिटी के आर्ट्स फैकल्टी क्षेत्र में हुई, जहां एससी-एसटी-ओबीसी समुदाय के कार्यकर्ता यूजीसी दिशानिर्देशों (जिन पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा अंतरिम रोक लगाई गई है) के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे। रुचि तिवारी घटनास्थल पर कवरेज के लिए पहुंची थीं, लेकिन विरोधियों ने उन्हें घेर लिया और हमला कर दिया। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में दिखाया गया है कि एक बड़ी भीड़ ने उन्हें घेरकर पीटा, जिसमें पुरुष और महिला दोनों शामिल थे।
हमले के बाद रुचि तिवारी को मॉरिस नगर थाना ले जाया गया, जहां वे अपनी शिकायत दर्ज कराने पहुंची हैं। थाने के बाहर उनके समर्थन में बड़ी संख्या में युवा और कार्यकर्ता जमा हो गए हैं। सोशल मीडिया पर #Justice_For_रूचि_तिवारी ट्रेंड कर रहा है, जहां लोग उनकी सुरक्षा की मांग कर रहे हैं।
एक पोस्ट में कहा गया, “रुचि तिवारी को मॉरिस नगर थाना ले जाया गया। ईश्वर रुचि तिवारी की रक्षा करे। बाहर भीड़ जमा है। दिल्ली पुलिस अमित शाह के अंदर आती है। अमित शाह देश के गृह मंत्री है। दिल्ली में सारा कंट्रोल मोदी सरकार के अंदर है। सोचा, याद दिला दूँ। ईश्वर करे सब ठीक हो। ब्राह्मण बेटी सुरक्षित रहे।”
दिल्ली पुलिस ने अभी तक इस घटना पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है, लेकिन सूत्रों के अनुसार मामला दर्ज करने की प्रक्रिया चल रही है। विभिन्न छात्र संगठनों जैसे आइसा और एबीवीपी के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है, जिसमें एक-दूसरे पर हिंसा भड़काने का आरोप लगाया जा रहा है।
स्थानीय निवासियों और छात्रों ने शांति की अपील की है, जबकि कई लोग सोशल मीडिया पर पीड़िता के साथ एकजुटता जता रहे हैं। स्थिति पर नजर रखी जा रही है और आगे की जांच जारी है।










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