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कोरोना काल : महाविद्यालय-विश्वविद्यालयों में कैसे चलेंगी कक्षाएं, यूजीसी ने जारी की गाइडलाइंस

नई दिल्ली। कोरोना वायरस महामारी के कारण इसी साल मार्च से बंद महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों (Colleges and Universities) में अब नियमित कक्षाएं शुरू करने की तैयारी चल रही है। महामारी के बीच ये कक्षाएं किस तरह संचालित की जाएंगी, इसे लेकर विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी, UGC) ने दिशानिर्देश जारी किए हैं। इन दिशानिर्देशों का विद्यार्थियों के साथ-साथ विश्वविद्यालयों के सभी कर्मचारियों और शिक्षकों को भी पालन करना होगा।

कक्षाओं का संचालन कब से करना है, इसका निर्णय सभी केंद्रीय विश्वविदयालयों एवं केंद्रीय सहायता प्राप्त विश्वविद्यालयों के कुलपति ले सकते हैं। राज्या विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों मामले में यह फैसला संबंधित राज्य सरकार लेगी।

यूजीसी के दिशानिर्देश

-परिसर में प्रवेश से पहले सभी छात्र-छात्राओं, फैकल्टीज व अन्य स्टाफ की स्क्रीनिंग जरूरी है। लक्षण पाए जाने पर मेडिकल जांच के बाद ही उन्हें परिसर में प्रवेश की अनुमति मिलेगी।

-जिन लोगों में लक्षण पाए जाएंगे उनके लिए परिसर में आइसोलेशन की सुविधा और जो कोविड पॉजिटिव व्यक्ति के संपर्क में आए हों, उनके लिए क्वारंटीन की सुविधा होनी चाहिए। अगर परिसर में जगह न हो, तो किसी सरकारी अस्पताल या स्थानीय प्रशासन द्वारा स्वीकृत परिसर की व्यवस्था करनी होगी।

-क्वारंटीन और आइसोलेशन में रहने वालों के लिए सुरक्षा, सफाई, स्वास्थ्य, खाना और पानी की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी।

-कॉलेज-विश्वविद्यालयों को 6-डे शेड्यूल का पालन करना होगा, ताकि शारीरिक दूरी (Physical distancing) का पालन करने के लिए अलग-अलग फेज में कक्षाएं संचालित की जा सकें।

-क्लास की साइज कम कर उसे अलग-अलग टुकड़ों में बांटा जा सकता है। संस्थान के क्लासरूम के आकार के अनुसार एक बार में क्लास करने वाले छात्र-छात्राओँ की संख्या सुनिश्चित की जाए। 50 प्रतिशत तक विद्यार्थी कम किए जा सकते हैं। उन्हें रोटेशन के आधार पर कक्षाएं करने के लिए बुलाया जा सकता है।

-संस्थान की जरूरत के अनुसार प्रतिदिन शिक्षण के घंटे बढ़ाए भी जा सकते हैं।

-महाविद्यालय एवं विश्वविद्यालय चरणबद्ध तरीके से कक्षाओं का संचालन शुरू करें। सिर्फ वही संस्थान खोले जा सकते हैं जो कंटेनमेंट जोन से बाहर होंगे।

-कंटेनमेंट जोन में रहने वाले विद्यार्थियों एवं स्टाफ को भी परिलर में परिसर की अनुमति नहीं होगी। बाहर के छात्र-छात्राओं या स्टाफ को भी कंटेनमेंट जोन में जाने की अनुमति नहीं होगी।

-जरूरत के अनुसार छात्रावास खोले जा सकते हैं लेकिन सख्त देखरेख, सुरक्षा और स्वास्थ्य के मानकों का ख्याल रखते हुए। हालांकि किसी भी छात्रावास में फिलहाल कमरे की शेयरिंग की अनुमति नहीं होगी। यानी एक कमरे में एक ही विद्यार्थी रह सकेगा। जिनमें संक्रमण के लक्षण पाए जाएंगे, उन्हें किसी भी परिस्थिति में छात्रावास में रहने की अनुमति नहीं होगी।

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