नई दिल्ली। कोरोना वायरस के खिलाफ एकजुट हो रहे देशवासियों को बुधवार को उस समय कुछ मायूसी मिली जब आंध्र प्रदेश में 43 नए पॉजिटिव मामले सामने आए। ये सभी लोग दिल्ली के निजामुद्दीन मरकज में आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लेने के बाद आंध्र प्रदेश लौटे थे। इससे पहले मंगलवार को मरकज से लौटे तब्लीगी जमात के 16 लोगों में कोरोना वायरस के संक्रमण की पुष्ट हुई थी। जम्मू में 5 रोहिंगिया में संक्रमण के लक्षण मिले हैं। इस पूरे मामले ने कोरोना से लड़ाई लड़ रही केंद्र और राज्य सरकारों की नींद उड़ा दी है।

निजामुद्दीन मरकज में हुए इस कार्यक्रम में आंध्र प्रदेश से दिल्ली मरकज में 369 लोग शामिल हुए थे। इससे से ज्यादा स्तब्ध करने वाली खबर जम्मू से हैं जहां के नरवाल बाला इलाके ऐसे 10 रोहिंगया मेले हैं जो तब्लीगी जमात की मजलिस में शामिल हुए थे। ये सभी बीती 18 मार्च से जम्मू में अपनी पहचान छुपाकर घूम रहे थे। इनमें से 5 में कोरोना वायरस के लक्षण मिले हैं। प्रशासन ने सभी को अस्पताल भेज दिया है।

अभी तक की छानबीन से जानकारी मिली है कि तब्लीगी जमान के कार्यक्रम महाराष्ट्र के अहमदनगर से 34 लोग शामिल हुए थे। पुलिस ने मंगलवार शाम इन सभी को अस्पताल में भर्ती कराय। इनमें से 2 लोगों में कोरोना वायरस संक्रमण की पुष्टि हो गई है। महाराष्ट्र के ही नांदेड़ से भी 13 लोगों ने निजामुद्दीन मरकज के कार्यक्रम में हिस्सा लिया था। दिल्ली पुलिस से मिली इस सूचना के बाद नांदेड़ पुलिस को इनमें से एक शख्स को खोज लिया है। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

बिहार के पुलिस महानिदेशक  ने कहा कि बिहार के 86 निवासी और 57 विदेशी जो दिल्ली में तब्लीगी जमात की मजलिस में शामिल हुए थे, उन सभी पर नजर रखी जा रही है। 48 लोगों को पहले से ही क्वारंटाइन में रखा जा चुका है। 86 बिहार निवासियों में से कुछ राज्य में नहीं मिले हैं। इनको देश के अन्य राज्यों में तलाशा जा रहा।

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