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INS विराट की नौसेना से भावपूर्ण विदाई

मुंबई।भारतीय नौसेना की पहचान ओल्ड लेडी, INS विराट का समुद्री सफर सोमवार को खत्म हो गया। इस पर कार्यरत सभी अधिकारियों की मौजूदगी में मुंबई में एक समारोह के दौरान INSविराट को सेवानिवृत्त किया गया। आईएनएस विराट की विदाई के इस भावुक मौके पर वे सभी लोग मौजूद थे, जिन्होंने इस पर सेवाएं दी हैं। इस समारोह में इंग्लैंड के लोगों ने भी हिस्सा लिया।

विराट ने 47 सालों तक रॉयल नेवी और भारतीय नौसेना को अपनी सेवा दी। इनमें से 30 साल भारतीय नौसेना को अपनी सेवाएं दीं, जबकि करीब 17 साल ब्रिटेन के रॉयल नेवी में एचएमएस हर्म्स के तौर पर अपनी सेवा दे चुका है। 1984 में इसे रॉयल नेवी से हटा दिया गया था, जिसके बाद 12 मई, 1987 को इसे भारतीय नौसेना में शामिल कर लिया गया था। पिछली सदी के आठवें दशक में भारतीय नौसेना ने इसे साढ़े छह करोड़ डॉलर में खरीदा था। 12 मई 1987 को इसे सेवा में शामिल किया गया था। इसे ग्रेट ओल्ड लेडी के नाम से भी जाना जाता था। आईएनएस विराट का ध्येय वाक्य ‘जलमेव यस्य, बलमेव तस्य’ है। अर्थात जिसका समंदर पर कब्जा है, वही सबसे बलवान है। जहाज के डेक से सी हैरियर, व्हाइट टाइगर्स, सीकिंग 42बी, सीकिंग 42सी तथा चेतक जैसे विमान उड़ान भर चुके हैं। आईएनएस विराट को सेवा से हटाए जाने के बाद भारत के पास अब केवल एक पोत बचा है।

INS विराट दूसरा सेंटोर श्रेणी का विमान वाहक है जो 30 सालों तक भारतीय नौसेना की सेवा में रहा। इसके पूर्व इस विमानवाहक पोत ने रॉयल ब्रिटिश आर्मी के लिए अर्जेंटीना के विरूद्ध फाकलैंड की लड़ाई जीती थी।यह 27,800 टन का है और इसने नवंबर, 1959 से अप्रैल 1984 तक एचएमएस हर्मीस के तौर पर ब्रिटिश सेना में अपनी सेवा दी तथा नवीनीकरण के बाद इसे भारतीय नौसेना में शामिल किया गया।

अस्सी के दशक के उत्तरार्ध में भारतीय नौसेना ने 6.5 करोड़ डालर में इसे खरीदा था और 12 मई, 1987 को इसे फिर बेड़े में शामिल किया गया था।विराट के डेक से लड़ाकू विमानों ने 22,034 बार उड़ान भरी है।विराट ने समुद्र में 10,94,215 किलोमीटर का सफर तय किया है।विराट का वजन 28,500 टन है।इसमें 76000 शॉफ्ट हॉर्सपावर के स्टीम इंजन लगे हुए थे।इस जहाज पर 10-12 फाइटर प्लेन और 7-8 हेलीकॉप्टर रहते हैं।

अपनी सेवा के आखिर दिन आज इस विमान वाहक का प्रारब्ध अस्पष्ट है कि इसे लक्जरी होटल में तब्दील किया जाएगा या फिर यह नष्ट करने के लिए स्कै्रपयार्ड ले जाया जाएगा। नौसेना प्रमुख ने इस कार्यक्रम के बाद संवाददाताओं से कहा, हम चाहेंगे कि विराट को मुम्बई में संग्रहालय बनाया जाए या फिर इसे गोताखोरी स्थल।
अब तक विराट के भविष्य पर रक्षा मंत्रालय निर्णय नहीं ले पाया है कि इसका क्या किया जाएगा? ज्ञात हो कि आंध्र प्रदेश सरकार ने पहले इच्छा जाहिर की थी कि वो इस जहाज को म्यूजियम में रखेगी, लेकिन अब आंध्र प्रदेश सरकार ने ऐसा करने से मना कर दिया है। अब इसे स्क्रैप के लिए भेज दिया जाएगा। आईएनएस विराट इस समय मुंबई में समुद्र सीमा के नेवी बेस पर रखा है। नौसेना चाहती है कि आईएनएस विराट का हश्र उसके पूर्ववर्ती आईएनएन विक्रांत जैसा होने से रोकने के लिए शीघ्र निर्णय लिया जाए। आईएनएन विक्रांत को स्क्रैपयार्ड भेजा गया था।

 

 

 

 

 

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