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किसानों का प्रदर्शन : सरकार की ट्विटर को दोटूक- आदेश का पालन करें वरना…

नई दिल्ली। किसान आंदोलन के बहाने सरकार को लेकर गलतबयानी कर रहे अकाउंट पर नरमी ट्विटर पर भारी पड़ सकती है। किसानों के नरसंहार (Farmer Genocide) वाले हैशटैग से ट्वीट करने वाले अकाउंट की बहाली पर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार बेहद नाराज है और उसने सोशल मीडिया प्लेटफार्म ट्विटर को नोटिस जारी किया है।

सूत्रों ने जानकारी दी है कि सरकार ने ट्विटर को ModiPlanningFarmerGenocide हैशटैग चलाने वाले सभी अकाउंट पर कार्रवाई करने को कहा है। दरअसल, सरकार ने इन अकाउंट पर कार्रवाई करने को कहा था लेकिन ट्विटर ने खुद ही ऐसे अकाउंट बहाल कर दिए। अब सरकार ने कहा है कि ट्विटर को सरकार का निर्देश मानना ही होगा नहीं तो कार्रवाई की जा सकती है। नोटिस में सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसलों का हवाला देते हुए कहा गया है कि ट्विटर अदालत की तरह फैसले नहीं कर सकता।

गौरतलब है कि गणतंत्र दिवस पर दिल्‍ली में किसानों की ट्रैक्‍टर रैली के दौरान बड़े पैमाने पर हिंसा हुई थी लेकिन सरकार के ऐसे अकाउंट को ब्‍लॉक करने के आदेश के बावजूद ट्विटर ने इन्‍हें अनब्‍लॉक कर दिया था। सरकार के नोटिस में कहा गया है कि ट्विटर एक मध्‍यस्‍थ (intermediary) है और सरकार के निर्देशों का पालन करने के लिए बाध्‍य है। अगर वह इससे इन्कार करता है तो उस पर दंडात्‍मक कार्रवाई की जा सकती है।

सरकार की ओर से जारी नोटिस में सुप्रीम कोर्ट के आधा दर्जन से अधिक फैसलों का हवाला दिया गया है जिसमें संवैधानिक पीठ का वह आदेश भी शामिल है जिसमें बताया गया है कि सरकारी आदेश (public order) क्‍या है और अधिकारियों/प्रशासन के क्‍या अधिकार हैं। एक मध्‍यस्‍थ के नाते ट्विटर प्रशासन के इन आदेशों का तब तक पालन करने को बाध्‍य है जब तक अधिकारी इससे संतुष्‍ट न हो जाएं। ऐसा न होने पर भड़काऊ कंटेंट बढ़ेगा और इससे कानून व्‍यवस्‍था की स्थिति प्रभावित होगी। इसमें कहा गया है कि ट्विटर अधिकारियों की आदेश की परवाह किए बिना अपनी मर्जी नहीं चला सकता।

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