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नहीं रहे मृणाल सेन, भारतीय फिल्मों में है बड़ा योगदान

सेन की लिखी किताबें भी बेहद मशहूर हैं। उन्हें कई फिल्म पुरस्कारों के अलावा 1981 में पद्म भूषण से भी सम्मानित किया गया।

मुंबई। सुप्रसिद्ध फिल्म निर्माता-निर्देशक मृणाल सेन नहीं रहे। 95 साल का उम्र में उन्होंने कोलकाता स्थित अपने घर में अंतिम सांस ली। वह पिछले लम्बे समय से बीमार थे। उनका जन्म 14 मई 1923 को फरीदपुर  (जो अब बांगलादेश में है) में हुआ था। उनकी अधिकतर फ़िल्में बांग्ला भाषा में हैं।

सेन को बेस्ट फीचर फ़िल्म, बेस्ट डायरेक्शन और बेस्ट स्क्रीन प्ले के लिए कुल 18 राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिले। उन्हें 1981 में पद्म भूषण और वर्ष 2005 में दादा साहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बैनर्जी और बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन ने अपने सोशल अकाउंट पर सेन के निधन का शोक जताया है। अमिताभ ने लिखा है कि सेन काफी क्रिएटिव माइंड के सिनेमाटोग्राफर थे। गौरतलब है कि अमिताभ ने अपनी ज़िन्दगी का पहला Voice Over सेन की फ़िल्म ‘भुवन शोमे’ के लिए किया था।

सेन फिल्मकार होने के साथ ही बेहतरीन लेखक भी थे। उनकी लिखी कई किताबें बेहद मशहूर हैं। वर्ष 2004 में उनकी ऑटोबायोग्राफी Always Being Born प्रकाशित हुई थी। इसके अलावा उन्होंने कई शॉर्ट फ़िल्म्स और डॉक्यूमेंट्रीज़ पर भी काम किया है।

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