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रेलवे ने प्रवासी मजदूरों को कोई टिकट नहीं बेचा, राज्यों से वसूला केवल मानक किराया

नई दिल्ली। प्रवासी मजदूरों से रेल किराया वसूसले के मुद्दे पर गरमाई राजनीति के बीच भारतीय रेल ने सोमवार को स्पष्ट किया कि उसने किसी भी प्रवासी मजदूर से घर वापसी के टिकट का कोई किराया नहीं वसूला है। गौरतलब है कि कांग्रेस की अगुवाई में कुछ राजनीतिक दल आरोप लगा रहे हैं कि इस आपदा काल में भी भारतीय रेल गरीब प्रवासी मजदूरों से किराया वसूलने का अमानवीय काम कर रही है।

रेल मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि रेलवे ने प्रवासी मजदूरों को कोई टिकट नहीं बेचा है। वह राज्य सरकारों से केवल मानक किराया वसूल रहा है जो उसकी कुल लागत का महज 15 प्रतिशत है। केवल राज्यों द्वारा प्रदान की गई सूचियों के आधार पर यात्रियों को ट्रेनें में यात्रा की अनुमति दी जा रही है।

रेलवे ने देश के विभिन्न हिस्सों से अब तक 34 श्रमिक विशेष ट्रेनें चलाई हैं और संकट के इस समय में विशेष रूप से गरीब से गरीब लोगों को सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा प्रदान करने की अपनी सामाजिक जिम्मेदारी को पूरा कर रही है।

रेलवे के मुताबिक, केरल, राजस्थान और महाराष्ट्र से जाने वाले यात्रियों से किराया वसूल किया गया है, बाकी राज्यों ने मुफ्त में ही मजदूरों को सफर कराया है। गौरतलब है कि केरल, राजस्थान और महाराष्ट्र तीनों ही राज्यों में गैर भाजपा सरकार है।

रेलवे ने कहा है कि वह कोरोना वायरस लॉकडाउन के नियमों को पालन करते हुए शारीरिक दूरी को बनाए रखने के लिए प्रत्येक कोच में एक बर्थ खाली रखते हुए श्रमिक विशेष ट्रेनें चला रहा है। प्रवासी मजदूरों को उनके गंतव्य स्थान तक पहुंचाने के लिए गाड़ियों को पूरी तरह लॉक रखा जा रहा है और वापस में ये सभी ट्रेन पूरी तरह खाली रही हैं। यही नहीं, रेलवे द्वारा प्रवासी मजदूरों को मुफ्त भोजन और बोतलबंद पानी दिया जा रहा है।

प्रवासी श्रमिकों से रेल किराए के मुद्दे पर जमकर राजनीति

देश में इन दिनों प्रवासी मजदूरों से रेल किराया वसूसले के मुद्दे पर राजनीति गर्माई हुई है। कांग्रेस ने इस मुद्दे पर सरकार पर हमला बोला है। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा था कि सरकार गरीब, दिहाड़ी मजदूरों से किराया वसूलती है, यह ठीक नहीं है। यदि केंद्र सरकार उनसे किराया वसूलती है तो कांग्रेस उनका किराया देने के लिए तैयार है। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने हिंदी में ट्वीट करते हुए लिखा, “एक तरफ रेलवे दूसरे राज्यों में फंसे मजदूरों से टिकट का भाड़ा वसूल रही है वहीं दूसरी तरफ रेल मंत्रालय पीएम केयर फंड में 151 करोड़ रुपए का चंदा दे रहा है। जरा ये गुत्थी सुलझाइए।”

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