The Voice of Bareilly since 2010

खुलासाः आईएसआईएस के आतंकवादियों का पीएफआई से कनेक्शन, निशाने पर थे हिंदू नेता और पुलिस

नई दिल्ली। चरमपंथी इस्लामिक संगठन सिमी पर प्रतिबंध लगने के बाद देश में इस्लामिक आतंकवाद के विस्तार की साजिश किस तरह रची गई इसे लेकर एक और बड़ा खुलासा हुआ है। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में हुई हिंसा की जांच में पहले ही यह साफ हो गया है कि सिमी पर प्रतिबंध के बाद उसके गुर्गे ही पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) की आड़ में सक्रिय हैं। ताजा मामला दिल्ली में पकड़े गए आईएसआईएस के तीन आतंकवादियों का है। दिल्ली पुलिस के अनुसार इन तीनों आतंकियों का पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया से कनेक्शन है।

जांच में पता चला है कि नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) को लेकर हुई हिंसा में पुलिस की कार्रवाई का बदला लेने के मकसद से इन आतंकवादियों को दिल्ली, उत्तर प्रदेश और गुजरात में पुलिस वालों की हत्या करनी थी। हिंदू नेताओं की हत्या की भी योजना बनाई गई थी।

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने इन आतंकियों को वजीराबाद में हुई मुठभेड़ के बाद दबोचा था। इनके पास से हथियार और कारतूस भी मले थे। पकड़े गए तीनों आतंकवादी तमिलनाडु के रहने वाले हैं और ये पहले भी आपराधिक घटनाओं में लिप्त रहे हैं। गिरफ्तार किए गए आतंकियों ने वर्ष 2014 में एक हिंदू नेता की हत्या की थी जिसके बाद से इन तीनों आतंकियों समेत 6 लोग तमिलनाडु से फरार चल रहे थे। तमिलनाडु से भागने के बाद हत्या के 6 आरोपितों में से 3 नेपाल में हैं। बाकी तीन आतंकियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। ये तीनों आतंकवादी नेपाल के रास्ते उत्तर प्रदेश में घुसकर एनसीआर और वहां से दिल्ली पहुंचे थे। ये आतंकवादी दिल्ली एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बड़ी वारदात की साजिश रच रहे थे। 

दिल्ली में 71वें गणतंत्र दिवस समारोह की तैयारियां चल रही हैं। इस दौरान राजपथ पर परेड भी निकाली जाती है। आशंका है कि ये आतंकवादी गणतंत्र दिवस के जश्न को प्रभावित करने की तैयारी कर रहे थे और किसी बड़ी वारदात की फिराक में थे। इनको विदेश में बैठे एक हैंडलर से निरेधेश मिल रहे थे।

error: Content is protected !!