The Voice of Bareilly since 2010

विकास दुबे एनकाउंटर पर सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार से मांगा जवाब

लखनऊ। (Vikas Dubey encounter) कानपुर के बिकरू में 2 जुलाई 2020 की रात सीओ समेत 8 पुलिसकर्मियों की हत्या के बाद पुलिस अब तक एनकाउंटर में कई बदमाशों को मार चुकी है। इन मुठभेड़ों में ढेर होने वालों में बिकरू कांड का मुख्य आरोपित गैंगेस्टर विकास दुबे भी शामिल है जो 10 जुलाई को मारा गया था। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार से जवाब मांगा है। अब इस मामले में 20 जुलाई को सुनवाई होगी।

उत्तर प्रदेश सरकार ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट से कहा कि गैंगस्टर विकास दुबे के एनकाउंटर के मामले में अधिकारियों और सहयोगियों से इस मुठभेड़ को लेकर विस्तार से रिपोर्ट मांगी गई है। उत्तर प्रदेश की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने पीठ से कहा कि वह 16 जुलाई 2020 तक स्थिति रिपोर्ट दाखिल करेंगे।  मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि वह विकास दुबे और उसके सहयोगियों की मुठभेड़ और गैंगस्टर के उत्तर प्रदेश में आठ पुलिसकर्मियों की हत्या की जांच के लिए एक पूर्व न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली समिति की नियुक्ति पर विचार कर सकती है।

सुप्रीम कोर्ट में मुंबई के वकील घनश्याम उपाध्याय और वकील अनूप अवस्थी ने जनहित याचिका दायर की है। इस याचिका में उत्तर प्रदेश पुलिस की भूमिका की जांच की मांग की गई है। कानपुर के चौबेपुर थाना क्षेत्र के बिकरू में शूटआउट के मुख्य आरोपित विकास दुबे के एनकाउंटर मामले में तीन जजों वाली खंडपीठ ने सुनवाई की। इसकी अगुवाई भारत के मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे कर रहे हैं। सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि मामला हमारे संज्ञान में है, हमें समय दिया जाए। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि एनकाउंटर मामले में जांच के लिए हम जांच समिति गठित करने पर विचार कर रहे है। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने मुठभेड़ की सीबीआई या एसआईटी जांच कराने की याचिका पर उत्तर प्रदेश सरकार से जवाब तलब किया है। कोर्ट ने यूपी सरकार से गुरुवार तक जवाब मांगा है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा हैदराबाद मामले में जिस तरह से कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज की निगरानी में जांच का आदेश दिया था, उसी तर्ज पर हम इस मामले में भी सोच रहे हैं। प्रदेश सरकार ने कहा कि इस मामले की पड़ताल जारी है। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि हमारा जवाब कोर्ट की न्यायिक भावना को संतुष्ट करेगा।

माना जा रहा है कि सुप्रीम कोर्ट इस मामले में एक फैक्ट-फाइंडिंग कमेटी गठित कर सकता है। इसका ऐलान सोमवार को किया जा सकता है। शीर्ष अदालत ने कहा कि वह 20 जुलाई को विकास दुबे और उसके सहयोगियों के साथ हुई मुठभेड़ों की अदालत से निगरानी की जांच की मांग पर सुनवाई करेगी।

 

error: Content is protected !!