इंदौर के लसुड़िया थाना क्षेत्र के सेटेलाइट जंक्शन इलाके में एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे शहर को स्तब्ध कर दिया। यहां एक दंपति के सड़े-गले शव उनके बंद घर में मिले, जिससे पड़ोसियों में सनसनी फैल गई।पड़ोसियों को घर से आने वाली तेज बदबू के कारण पुलिस को सूचना मिली, जिसके बाद पुलिस ने दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया।
मृतकों की पहचान कन्हैयालाल बरनवाल (उम्र लगभग 46-50 वर्ष) और उनकी पत्नी स्मृति बरनवाल (उम्र लगभग 42 वर्ष) के रूप में हुई है। पुलिस ने पड़ोसियों की शिकायत पर घर का दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया, जहां कन्हैयालाल का शव बेडरूम में बिस्तर पर और स्मृति का शव बाथरूम में मिला। शव इतने पुराने थे कि वे पूरी तरह सड़ चुके थे और बदबू से पूरा इलाका प्रभावित हो गया था।
प्रारंभिक जांच के अनुसार, कन्हैयालाल की मौत करीब 10-15 दिन पहले हुई, जबकि स्मृति (जो मानसिक रूप से अस्वस्थ बताई जा रही हैं) उनके शव के साथ लगभग एक सप्ताह तक घर में रहीं और फिर उनकी भी मौत हो गई। कुल मिलाकर शव 15-20 दिन या इससे अधिक पुराने होने का अनुमान है। कुछ रिपोर्ट्स में मौत की वजह के रूप में जहर खाने से आत्महत्या की आशंका जताई गई है, हालांकि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार है।
प्रारंभिक जांच में पता चला है कि कन्हैयालाल पिछले छह महीनों से लकवाग्रस्त (पैरालाइज्ड) थे और पूरी तरह बिस्तर पर निर्भर थे। उनकी पत्नी स्मृति मानसिक रूप से अस्वस्थ थीं। दंपति अकेले रहते थे और पड़ोसियों से ज्यादा संपर्क नहीं रखते थे। कन्हैयालाल मूल रूप से उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ के रहने वाले थे और पहले पीथमपुर की एक फार्मा कंपनी में काम करते थे, लेकिन बीमारी के कारण नौकरी छोड़ दी थी और 2016 से इंदौर में बस गए थे। कन्हैयालाल को कुछ महीने पहले लकवा (पैरालिसिस) मार गया था, जिसके बाद वे बिस्तर पर ही रहते थे। परिवार के अन्य सदस्यों से संपर्क होने पर भी शव लेने से इनकार कर दिया गया, और अंतिम संस्कार स्थानीय संस्थाओं ने किया।
पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा है, ताकि मौत का सटीक कारण पता चल सके। अभी तक कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है और न ही चोट के निशान। जांचकर्ता मोबाइल फोन और घर में लगे सीसीटीवी की जांच कर रहे हैं।
यह घटना परिवारिक संबंधों, बुजुर्गों की देखभाल और अकेलेपन जैसे मुद्दों पर गंभीर सवाल खड़े करती है। पुलिस जांच जारी है।










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