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कोरोना पॉजिटिव आने के बाद मरीज को कब होना चाहिए अस्पताल में भर्ती? देखिए भारत सरकार द्वारा जारी वीडियो

नई दिल्ली। कोरोना की दूसरी लहर में भारत में एक ही दिन में मिले संक्रमित मरीजों की संख्या ने सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। संक्रमितों की संख्या इतनी अधिक हो गई है कि अस्पतालों में बेड कम पड़ने लगे हैं। ऐसे में कई बार गंभीर मरीजों को भी बेड नहीं मिल पा रहा है। इसलिए डॉक्टरों का कहना है कि अगर आपका आरटी-पीसीआर (RT-PCR) टेस्ट पॉजिटिव आता है तो घबराकर अस्पताल में भर्ती न हो जाएं। अधिकतर कोरोना संक्रमित मरीज घर पर रहकर ही ठीक हो सकते हैं। ट्विटर पर भारत सरकार द्वारा साझा किए गए एक वीडियो मैसेज में टाटा मेमोरियल अस्पताल के निदेशक डॉ सीएल प्रमेश के सुझाव दिए गए हैं।

वीडियों में सुझाव दिया गया है कि कोविड पॉजिटिव रोगियों को अच्छे यानी पोषण युक्त भोजन के अलावा तरल पदार्थ भी लेने चाहिए। साथ ही योग, प्राणायाम करना चाहिए। इसके अलावा उन्हें अपने बुखार और ऑक्सीजन के स्तर को ट्रैक करना चाहिए। ऑक्सीजन स्तर की सटीक समझ के लिए 6 मिनट का वॉक टेस्ट लेने का सुझाव दिया जा रहा है, जिसमें मरीज को अपने क्वारंटाइन वाले कमरे में चलने के 6 मिनट पहले और बाद में ऑक्सीजन लेवल चेक करना है। यह टेस्ट एक दिन में 2-3 बार किया जा सकता है। यदि ये रीडिंग सामान्य हैं तो अस्पताल में भर्ती होने की कोई जरूरत नहीं है।

संक्रमित व्यक्ति को इस स्थिति में अस्पताल में भर्ती होना चाहिए

– ऑक्समीटर पर बेसलाइन रीडिंग 94 फीसदी से नीचे है।

– चलने के 6 मिनट पहले और बाद में ऑक्सीजन के स्तर में 4 प्रतिशत या अधिक उतार-चढ़ाव होता है।

कोरोना मरीज को कौन सी दवा लेनी चाहिए?

वीडियो में बताया गया है कि अगर मरीज का ऑक्सीजन लेवल ठीक है और बुखार के अलावा कोई अन्य समस्या नहीं है तो ऐसे मरीज को सिर्फ पैरासिटामोल लेने और खुश रहने की जरूरत है। उसे अस्पताल में भर्ती होने की भी जरूरत नहीं है. एम्स दिल्ली के निदेशक डॉ. रामदीप गुलेरिया ने कहा है कि कोविड के 85 प्रतिशत से अधिक मरीज बिना किसी विशिष्ट उपचार के ठीक हो सकते हैं। ऑक्सीजन एक उपचार है, यह एक दवा की तरह है। 

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