सनातन हिन्दू पंचांग को वैदिक पंचांग कहा जाता है। इस पंचांग के माध्यम से समय एवं काल की सटीक गणना की जाती है। पंचांग मुख्य रूप से पांच अंगों से मिलकर बनता है। ये पांच अंग तिथि, नक्षत्र, वार, योग और करण हैं। इस कॉलम के माध्यम से हम आपको दैनिक पंचांग में शुभ मुहूर्त, राहुकाल, सूर्योदय और सूर्यास्त का समय, तिथि, करण, नक्षत्र, सूर्य और चंद्र ग्रह की स्थिति, हिन्दू मास एवं पक्ष आदि की जानकारी देने का प्रयास करते हैं।
| शनिवार, जुलाई १८, २०२० का पञ्चाङ्ग बरेली, भारत के लिए | |||
| सूर्योदय: | ०५:२७ | सूर्यास्त: | १९:१० |
| हिन्दु सूर्योदय: | ०५:३१ | हिन्दु सूर्यास्त: | १९:०६ |
| चन्द्रोदय: | २७:४७ | चन्द्रास्त: | १७:१३ |
| सूर्य राशि: | कर्क | चन्द्र राशि: | वृषभ – ०९:०१ तक |
| सूर्य नक्षत्र: | पुनर्वसु | ||
| द्रिक अयन: | दक्षिणायण | द्रिक ऋतु: | वर्षा |
| वैदिक अयन: | दक्षिणायण | वैदिक ऋतु: | ग्रीष्म |
| हिन्दु लूनर दिनाँक | |||
| शक सम्वत: | १९४२ शर्वरी | चन्द्रमास: | आषाढ़ – अमान्त |
| विक्रम सम्वत: | २०७७ प्रमाथी | श्रावण – पूर्णिमान्त | |
| गुजराती सम्वत: | २०७६ | पक्ष: | कृष्ण पक्ष |
| तिथि: | त्रयोदशी – २४:४१ तक | ||
| नक्षत्र, योग तथा करण | |||
| नक्षत्र: | मॄगशिरा – २१:२४ तक | योग: | ध्रुव – २३:०८ तक |
| प्रथम करण: | गर – १२:४२ तक | ||
| द्वितीय करण: | वणिज – २४:४१ तक | ||
| अशुभ समय | |||
| दुर्मुहूर्त: | ०५:३१ – ०६:२५ | वर्ज्य: | कोई नहीं |
| ०६:२५ – ०७:१९ | |||
| राहुकाल: | ०८:५५ – १०:३७ | गुलिक काल: | ०५:३१ – ०७:१३ |
| यमगण्ड: | १४:०० – १५:४२ | ||
| शुभ समय | |||
| अभिजित मुहूर्त: | ११:५१ – १२:४६ | अमृत काल: | १२:१५ – १३:५५ |
| अन्य | |||
| आनन्दादि योग: | वज्र – २१:२४ तक | तमिल योग: | मरण – २१:२४ तक |
| मुद्गर | मरण | ||
| होमाहुति: | केतु | अग्निवास: | पृथ्वी – २४:४१ तक |
| आकाश | |||
| निवास और शूल | |||
| दिशा शूल: | पूर्व में | राहु काल वास: | पूर्व में |
| नक्षत्र शूल: | कोई नहीं | चन्द्र वास: | दक्षिण में ०९:०१ तक |
| पश्चिम में ०९:०१ से | |||
| चन्द्रबलम और ताराबलम | |||
| निम्न राशि के लिए उत्तम चन्द्रबलम ०९:०१ तक:वृषभ, कर्क, सिंह, वृश्चिक, धनु, मीन *तुला राशि में जन्में लोगो के लिए अष्टम चन्द्रउसके पश्चात – निम्न राशि के लिए उत्तम चन्द्रबलम अगले दिन सूर्योदय तक:मेष, मिथुन, सिंह, कन्या, धनु, मकर *वृश्चिक राशि में जन्में लोगो के लिए अष्टम चन्द्र | निम्न नक्षत्र के लिए उत्तम ताराबलम २१:२४ तक:भरणी, रोहिणी, आर्द्रा, पुनर्वसु, अश्लेशा, पूर्वाफाल्गुनी, हस्त, स्वाती, विशाखा, ज्येष्ठा, पूर्वाषाढा, श्रवण, शतभिषा, पूर्व भाद्रपद, रेवती उसके पश्चात – निम्न नक्षत्र के लिए उत्तम ताराबलम अगले दिन सूर्योदय तक:अश्विनी, कृत्तिका, मॄगशिरा, पुनर्वसु, पुष्य, मघा, उत्तराफाल्गुनी, चित्रा, विशाखा, अनुराधा, मूल, उत्तराषाढा, धनिष्ठा, पूर्व भाद्रपद, उत्तर भाद्रपद | ||
| पञ्चक रहित मुहूर्त एवं उदय-लग्न | |||
| आज के दिन के लिए पञ्चक रहित मुहूर्त:०५:३१ – ०७:४२ रोग पञ्चक ०७:४२ – ०९:५९ शुभ मुहूर्त ०९:५९ – १२:१५ मृत्यु पञ्चक १२:१५ – १४:३४ अग्नि पञ्चक १४:३४ – १६:५३ शुभ मुहूर्त १६:५३ – १८:५७ रज पञ्चक १८:५७ – २०:३९ शुभ मुहूर्त २०:३९ – २१:२४ चोर पञ्चक २१:२४ – २२:०७ शुभ मुहूर्त २२:०७ – २३:३२ रोग पञ्चक २३:३२ – २४:४१ चोर पञ्चक २४:४१ – २५:०८ शुभ मुहूर्त २५:०८ – २७:०४ रोग पञ्चक २७:०४ – २९:१८ शुभ मुहूर्त २९:१८ – २९:३१ मृत्यु पञ्चक | आज के दिन के लिए उदय-लग्न मुहूर्त:०५:३१ – ०७:४२ कर्क ०७:४२ – ०९:५९ सिंह ०९:५९ – १२:१५ कन्या १२:१५ – १४:३४ तुला १४:३४ – १६:५३ वृश्चिक १६:५३ – १८:५७ धनु १८:५७ – २०:३९ मकर २०:३९ – २२:०७ कुम्भ २२:०७ – २३:३२ मीन २३:३२ – २५:०८ मेष २५:०८ – २७:०४ वृषभ २७:०४ – २९:१८ मिथुन २९:१८ – २९:३१ कर्क | ||
| दैनिक उपवास और त्यौहार | |||
| प्रदोष व्रत शनि त्रयोदशी |









