Bareillylive : श्री धर्म संघ प्रदोष महामंडल (स्थापित 1952) द्वारा प्रकाशित प्रतिष्ठित धार्मिक पत्रिका “श्री सनातन वृतोत्सव दर्पण – भगवान आशुतोष भजनामृत” के 28वें संस्करण का विमोचन रविवार को बिहारीपुर स्थित श्री बिहारी जी मंदिर परिसर में धूमधाम से किया गया। यह कार्यक्रम भक्तों और विद्वानों के बीच उत्साह का केंद्र बना, जहां पत्रिका को विधिवत रूप से सभी ने ग्रहण किया।
कार्यक्रम की शुरुआत में पत्रिका के प्रधान संपादक पं. हरि शर्मा शास्त्री का सभी सदस्यों ने माल्यार्पण और अंगवस्त्र भेंटकर भव्य सम्मान किया। पं. शर्मा ने विमोचन के बाद संबोधित करते हुए बताया कि यह पत्रिका धार्मिक जीवन का एक महत्वपूर्ण संकलन है। इसमें वर्षभर के प्रमुख धार्मिक पर्व-त्योहारों जैसे दीपावली, होलिका दहन, चैत्र एवं शारदीय नवरात्रि, कलश स्थापना आदि की विस्तृत तिथियां, विधियां और पूजन प्रक्रियाएं सरल भाषा में दी गई हैं। साथ ही, विवाह, उपनयन, गृहप्रवेश, मुंडन संस्कार, भूमि-भवन निर्माण तथा वाहन क्रय-विक्रय जैसे शुभ कार्यों के सटीक मुहूर्त भी प्रकाशित किए गए हैं। पत्रिका में हृदयस्पर्शी भजन, आरतियां और भगवान आशुतोष के गुणगान भी शामिल हैं, जो आम जनमानस को धार्मिक ज्ञान का एक ही स्थान पर खजाना प्रदान करते हैं।
पं. हरि शर्मा शास्त्री ने संवत 2083 के चैत्र नवरात्रि पर विशेष प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि इस वर्ष चैत्र नवरात्रि की प्रतिपदा 19 मार्च से प्रारंभ हो रही है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, राजा गुरु और मंत्री मंगल रहेंगे। यह संयोग अत्यंत शुभ है। देश में अन्न उत्पादन प्रचुर होगा, फसलें उपजाऊ रहेंगी, जिससे भारत की कीर्ति और वैश्विक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। जनमानस में धार्मिक भावनाएं प्रबल होंगी, समाज में सुख-शांति का वातावरण बनेगा। पं. शर्मा ने भक्तों से आह्वान किया कि वे इन तिथियों का पालन कर पारिवारिक समृद्धि प्राप्त करें।
कार्यक्रम में संगठन के संरक्षक डॉ. आशीष गुप्ता, अध्यक्ष संदीप अग्रवाल, उपाध्यक्ष अमित गोयल, सहसंपादक पं. प्रभात शर्मा, आचार्य नंदकिशोर मिश्रा, पं. संजय सारस्वत, पं. संजीव कुमार श्याम महाराज, सर्वेश पाठक, अनुज शर्मा, संजीव शर्मा, पं. पारसनाथ शर्मा उपस्थित रहे। विशेष रूप से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के महानगर प्रचारक मयंक जी की उपस्थिति ने कार्यक्रम को और गरिमामय बनाया। अनेक श्रद्धालुओं ने भाग लिया और पत्रिका का वितरण प्राप्त किया।
विमोचन के समापन पर सभी उपस्थित भक्तों को श्री बिहारी जी की पवित्र प्रसादी वितरित की गई। यह आयोजन श्री धर्म संघ प्रदोष महामंडल की 72 वर्ष पुरानी परंपरा को मजबूत करता है, जो धार्मिक जागरण में योगदान दे रहा है। स्थानीय समुदाय ने इसे सनातन संस्कृति के प्रचार का सराहनीय प्रयास माना।









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