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UFBU के आह्वान पर बैंक कर्मियों का शांतिपूर्ण विरोध, पांच दिवसीय सप्ताह और नई भर्ती की मांग

Bareillylive : बरेली शहर में यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के देशव्यापी आह्वान पर रविवार को जनपद बरेली सहित सरकारी बैंकों की शाखाओं में अधिकारियों और कर्मचारियों ने काले बैज धारण कर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन किया। यह चरणबद्ध आंदोलन बैंक कर्मियों की लंबित न्यायसंगत मांगों—जैसे पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह, PLI में समानता और नई भर्तियों—के लिए है। प्रदर्शनकारियों ने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए एकजुटता दिखाई।

UFBU बरेली के जिला संयोजक नवीन्द्र कुमार ने बताया कि आज सभी सदस्यों ने काले बैज लगाकर विरोध दर्ज कराया। आगामी चरणों में काले वस्त्र धारण कर आंदोलन को और तीव्र किया जाएगा। UFBU अध्यक्ष पी.के. महेश्वरी ने जोर दिया कि यह आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक और संगठित है। उन्होंने कहा कि यदि मांगें पूरी न हुईं, तो आंदोलन व्यापक होगा।प्रदर्शन की प्रमुख मांग पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह लागू करना है। महेश्वरी ने कहा, “केंद्र सरकार के अधिकांश कार्यालयों में दो दशकों से यह प्रणाली चल रही है, फिर बैंकिंग क्षेत्र क्यों वंचित?” इसके अलावा, परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) में व्याप्त असमानता और भेदभाव समाप्त करने की मांग तेज है।

UFBU उपाध्यक्ष श्री संतोष तिवारी ने बताया कि बैंकिंग क्षेत्र में कार्यभार बढ़ रहा है, स्टाफ सीमित है और नई भर्तियां रुकी हुई हैं। “कर्मचारियों पर दबाव असहनीय है। शीघ्र भर्तियां शुरू हों, ताकि ग्राहकों को बेहतर सेवा मिले,” उन्होंने कहा।बरेली के विभिन्न बैंकों से बड़ी संख्या में कर्मचारी शामिल हुए। केनरा बैंक की महिला प्रकोष्ठ संयोजक श्रीमती रश्मि शर्मा, सेंट्रल बैंक अधिकारी संघ के श्री बी.डी. सिंह, श्री राहुल गौड़, श्री अमित कुमार, श्री स्पर्श सक्सेना, श्री अरुण कुमार, श्री संजीव कटियार, श्री विकास कुमार, श्री महेंद्र यादव, श्री शशांक आनंद, श्री भूपेंद्र कुमार, श्री मनोज कुमार, श्री चरण सिंह यादव, श्री मुनिश बाबू, श्री पुनीत टंडन, श्री विवेक शंखधर, श्री शैलेन्द्र कश्यप, श्री आशीष शुक्ला और BTUF जिला मंत्री श्री संजीव मेहरोत्रा ने सक्रिय भूमिका निभाई।

UFBU नेताओं के अनुसार, बैंक कर्मियों में मांगों को लेकर गहरा आक्रोश है। देशभर में यह आंदोलन चल रहा है, जो बैंकिंग सुधारों की आवश्यकता दर्शाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि पांच दिवसीय सप्ताह से कर्मचारी कल्याण बढ़ेगा और उत्पादकता सुधरेगी। यदि सरकार ने जल्द ध्यान न दिया, तो आगे धरना-प्रदर्शन हो सकते हैं। बैंकिंग क्षेत्र के इस संघर्ष से ग्रामीण और शहरी ग्राहक भी प्रभावित हो सकते हैं। UFBU ने अपील की कि मांगें पूरी होने तक एकजुटता बरतें।

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