bareillylive:bareillynews:भीषण गर्मी का बढ़ता खतरा: भारत के 14 शहर दुनिया के सबसे ज्यादा जोखिम वाले 50 शहरों में शामिल, अहमदाबाद दूसरे स्थान पर
ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के अध्ययन में भारत, पाकिस्तान, नाइजीरिया और घाना को सबसे अधिक गर्मी जोखिम वाले देशों में बताया गया; जयपुर, लखनऊ, कानपुर, चेन्नई और बेंगलुरु भी सूची में शामिल।
भीषण गर्मी का खतरा: भारत के कई बड़े शहर हाई-रिस्क ज़ोन में
नई दिल्ली, 10 जुलाई। जलवायु परिवर्तन के कारण दुनिया भर में बढ़ती भीषण गर्मी का असर अब बड़े शहरों पर गंभीर रूप से दिखाई देने लगा है। विश्व के 205 सबसे बड़े शहरों पर किए गए एक नए अध्ययन में भारत, पाकिस्तान, नाइजीरिया और घाना को ऐसे देशों में शामिल किया गया है, जहां सबसे अधिक शहर अत्यधिक गर्मी के खतरे की श्रेणी में आते हैं।
‘सस्टेनेबल सिटीज एंड सोसाइटी’ पत्रिका में प्रकाशित इस अध्ययन के अनुसार, दुनिया का सबसे अधिक गर्मी जोखिम वाला शहर इराक का अल बसरा है, जबकि गुजरात का अहमदाबाद दूसरे स्थान पर है।
भारत के 14 शहर टॉप-50 में
अध्ययन में सबसे अधिक जोखिम वाले शीर्ष 50 शहरों में भारत के 14 शहर शामिल हैं। इनमें अहमदाबाद के अलावा जयपुर, नागपुर, पुणे, मदुरै, चेन्नई, बेंगलुरु, कानपुर और लखनऊ जैसे प्रमुख शहर भी शामिल हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, सबसे अधिक जोखिम वाले 95 प्रतिशत से अधिक शहर दक्षिण एवं दक्षिण-पूर्व एशिया तथा उप-सहारा अफ्रीका में स्थित हैं।
केवल तापमान नहीं, कई अन्य कारक भी जिम्मेदार
ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय की शोधार्थी और अध्ययन की मुख्य लेखिका नेथमी जयारत्ने कारियावासम के अनुसार, किसी शहर में केवल अधिक तापमान ही जोखिम का पैमाना नहीं है।
उन्होंने कहा कि गर्मी के साथ-साथ आबादी की संवेदनशीलता, आर्थिक स्थिति, स्वास्थ्य सुविधाएं, एयर कंडीशनिंग की उपलब्धता, हरित क्षेत्र और गर्मी से निपटने की क्षमता जैसे कई कारक किसी शहर के वास्तविक जोखिम को तय करते हैं।
एक करोड़ से अधिक आबादी वाले शहरों का विश्लेषण
शोध में 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों का अध्ययन किया गया। इसमें आयु, आय स्तर, शीतलन सुविधाओं की उपलब्धता और पेड़-पौधों जैसे प्राकृतिक सुरक्षा उपायों को भी मूल्यांकन का हिस्सा बनाया गया।
पर्यटन और व्यापारिक शहर भी खतरे में
अध्ययन में कहा गया है कि जयपुर, काहिरा, बैंकॉक, हनोई जैसे प्रमुख पर्यटन एवं अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक केंद्र भी सबसे अधिक जोखिम वाले 50 शहरों में शामिल हैं।
हालांकि, बैंकॉक और सऊदी अरब के जेद्दा जैसे शहरों में गर्मी का स्तर अधिक होने के बावजूद बेहतर बुनियादी ढांचे और गर्मी से निपटने की तैयारियों के कारण उनका समग्र जोखिम अपेक्षाकृत कम माना गया है।
एसी पर बढ़ती निर्भरता भी चिंता
अध्ययन की सह-पर्यवेक्षक और ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय की एसोसिएट प्रोफेसर राधिका खोसला ने कहा कि दुनिया भर में एयर कंडीशनिंग की मांग तेजी से बढ़ रही है, लेकिन बड़ी आबादी अभी भी इसे वहन नहीं कर सकती।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीतलन के लिए केवल ऊर्जा-आधारित उपायों पर अत्यधिक निर्भरता बढ़ी, तो इससे ऊर्जा खपत और ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन बढ़ेगा, जो वैश्विक तापमान में और वृद्धि का कारण बन सकता है।
प्रमुख बातें
विश्व के 205 बड़े शहरों का किया गया विश्लेषण।
इराक का अल बसरा सबसे अधिक गर्मी जोखिम वाला शहर।
अहमदाबाद दुनिया में दूसरे स्थान पर।
भारत के 14 शहर टॉप-50 हाई-रिस्क शहरों में शामिल।
भारत, पाकिस्तान, नाइजीरिया और घाना में सबसे अधिक जोखिम वाले शहर।
अध्ययन में सामाजिक, आर्थिक और पर्यावरणीय कारकों को भी शामिल किया गया।
विशेषज्ञों ने केवल एसी पर निर्भरता बढ़ाने के बजाय टिकाऊ और हरित शहरी समाधान अपनाने की जरूरत बताई।






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