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बरेली परिक्षेत्र पुलिस द्वारा “Cy-वज्र अभियान” के अंतर्गत साइबर अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही

bareillylive:bareillynews:बरेली परिक्षेत्र पुलिस द्वारा “Cy-वज्र अभियान” के अंतर्गत साइबर अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही

मा० पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश द्वारा साइबर अपराधों की रोकथाम एवं साइबर अपराधियों के विरुद्ध दिनांक 07.07.2026 से 13.07.2026 तक संचालित विशेष “Cy-वज्र अभियान” के क्रम में पुलिस उपमहानिरीक्षक, बरेली परिक्षेत्र, बरेली अजय कुमार साहनी के निर्देशन में परिक्षेत्र के जनपद बरेली, बदायूँ, पीलीभीत एवं शाहजहाँपुर में साइबर अपराधियों के विरुद्ध व्यापक एवं प्रभावी कार्यवाही की गई।


अभियान के दौरान जनपदों की साइबर सेल, साइबर थाना, एसओजी एवं स्थानीय थाना पुलिस की संयुक्त टीमों द्वारा समन्वित कार्रवाई करते हुए साइबर अपराधों में संलिप्त अभियुक्तों की गिरफ्तारी एवं बरामदगी में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की गई। इस व्यापक अभियान में विभिन्न राज्यों से जुड़े साइबर गिरोहों के सक्रिय सदस्यों तथा ‘म्यूल बैंक अकाउंट’ (किराये पर उपलब्ध कराए गए बैंक खातों) के धारकों को गिरफ्तार किया गया।


परिक्षेत्रीय पुलिस टीमों द्वारा तकनीकी साक्ष्यों, डिजिटल सर्विलांस, बैंकिंग विवरणों एवं अन्य उपलब्ध इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का गहन विश्लेषण कर प्राप्त शिकायतों की विस्तृत जांच की गई। जांच के उपरांत उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अभियुक्तों के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में विधिक कार्यवाही सुनिश्चित की गई।

अभियान की प्रमुख उपलब्धियाँ
कुल अभियोग पंजीकृत : 83
कुल गिरफ्तार अभियुक्त : 91
नकद बरामदगी : ₹26,76,740/

मोबाइल फोन : 72
एटीएम कार्ड : 31
फर्जी आधार कार्ड : 03
पेटीएम स्कैनर : 01
यूएसडीटी (USDT) क्रिप्टोकरेंसी : 940 USDT
SEED क्रिप्टो उपकरण : 01

प्रमुख मामलों में साइबर अपराधियों द्वारा अपराध करने का तरीका

  1. थाना कांट, जनपद शाहजहाँपुर
    अभियुक्त कमीशन का लालच देकर लोगों के बैंक खातों की जानकारी प्राप्त करते थे तथा एसएमएस एपीके (APK) इंस्टॉल कराकर बैंक खातों से संबंधित ओटीपी एवं अन्य बैंकिंग संदेश अपने हैंडलर तक पहुंचाते थे। इसके माध्यम से खातों से अवैध रूप से धनराशि निकालकर साइबर ठगी की जाती थी। ठगी से प्राप्त धनराशि पर मिलने वाला कमीशन USDT (क्रिप्टोकरेंसी) के रूप में प्राप्त होता था।

2.थाना साइबर क्राइम जनपद बरेली (अंतर्राज्यीय मोबाइल चोरी एवं साइबर ठगी गिरोह)


झारखंड राज्य के गिरोह के सदस्य झारखंड से विभिन्न जनपदों में आकर रेलवे स्टेशन के आसपास किराये पर ठहरते थे तथा स्थानीय ऑटो/टैक्सी चालकों को अधिक पारिश्रमिक देकर अपने साथ मिला लेते थे। इसके बाद भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों एवं साप्ताहिक बाजारों में मोबाइल चोरी करते थे। चोरी किए गए मोबाइल झारखंड के नाला एवं जामताड़ा स्थित साइबर अपराधियों तक पहुंचाए जाते थे, जो मोबाइल में उपलब्ध बैंकिंग एवं डिजिटल जानकारी का दुरुपयोग कर साइबर ठगी को अंजाम देते थे। गिरोह के सदस्य मोबाइल चोरी के लिए एक नाबालिग बालक को भी साथ में रखते थे तथा लगभग 100 मोबाइल चोरी करने के बाद वापस झारखंड लौट जाता था।साइबर अपराध की तत्काल रिपोर्टिंग हेतु को निम्न उपायों पर विशेष रूप से ध्यान देने की आवश्यकता है।


• तत्काल 1930 डायल करें- उक्त साइबर हेल्पलाइन पर आप जैसे कॉल करते हैं- आपकी ट्रांजेक्शन आईडी ली जाती है, जिस अकाउंट में पैसा गया है वह तुरंत फ्रीज हो जाता है।
• गोल्डन टाइम-फ्रेम के भीतर रिपोर्ट करें सबसे महत्वपूर्ण बात समय की है यदि 30 मिनट से अधिक देर हुई तो पैसा दूसरी-तीसरी लेयर में चला जाता है और रिकवरी काठिन हो जाती है।
• सही तथ्यों को दर्ज करें साइबर अपराध होने की दशा में तत्काल, सही, और सटीक सूचना देना आवश्यक है।
• साइबर ठगी होने पर www.cybercrime.gov.in पर भी शिकायत दर्ज करायी जा सकती है।
• साइबर अपराध घटित होने की स्थिति में जनपदीय साइबर सेल, साइबर पुलिस थाना व थानों पर स्थापित साइबर हेल्पडेस्क की भी सहायता ली जा सकती है।

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