Bareillylive : अखिल भारतीय साहित्य परिषद, ब्रज प्रांत, बरेली की ओर से मुंशी प्रेमचंद की जयंती के अवसर पर आयोजित गोष्ठी एवं सम्मान समारोह की रूपरेखा तय की गई। आगामी 2 अगस्त को होने वाले अटल साहित्य सम्मान समारोह में ब्रज प्रांत के 20 जनपदों के लगभग 100 प्रबुद्ध साहित्यकार भाग लेंगे।
आयोजन में कहानियों के क्षेत्र में विशेष योगदान के लिए निरुपमा अग्रवाल तथा लघु कथाकार अतुल मिश्रा को प्रेमचंद कथा सम्मान से सम्मानित किया गया। वरिष्ठ उपाध्यक्ष निर्भय सक्सैना की अमरनाथ यात्रा से सकुशल बरेली वापसी पर उनका भी हृदयपूर्वक अभिनंदन किया गया।
प्रांतीय अध्यक्ष सुरेश बाबू मिश्रा ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेई न केवल देश के प्रधानमंत्री रहे, बल्कि ओजस्वी कवि और प्रखर पत्रकार भी थे। उनके आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से अटल साहित्य सम्मान समारोह का आयोजन किया जा रहा है।
कार्यक्रम के संयोजक डॉ. विपिन कुमार वाश्र्णेय ने बताया कि समारोह के प्रथम चरण में 12 बजे से 2 बजे तक वर्ष 2026 का अटल साहित्य सम्मान नासिक, महाराष्ट्र के वरिष्ठ साहित्यकार सुबोध मिश्रा को दिया जाएगा।
सह संयोजक डॉ. बृजेश कुमार शर्मा ने बताया कि समारोह में ब्रज प्रांत के 20 जनपदों के 60 वरिष्ठ साहित्यकारों को अटल साहित्य शिरोमणि सम्मान और अटल साहित्य गौरव सम्मान से नवाजा जाएगा।
कार्यक्रम के द्वितीय सत्र में राष्ट्र साधना के 100 वर्ष पूरे होने पर काव्य उत्सव का आयोजन होगा, जिसमें देशभक्ति, वीर रस तथा भक्ति रस की कविताओं का पाठ होगा। परिषद के सभी पदाधिकारी समय पर पहुंचकर कार्यक्रम को भव्यता प्रदान करने का आह्वान कर रहे हैं।
द्वितीय चरण में प्रेमचंद जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित विचार गोष्ठी में जनपद अध्यक्ष डॉ. बृजेश कुमार शर्मा का जन्मदिन परिषद के पदाधिकारियों एवं सदस्यों द्वारा हर्षोल्लास से मनाया गया तथा उनका सारस्वत अभिनंदन किया गया।
वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. अनिल मिश्रा ने प्रेमचंद के जीवन और साहित्य पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए उन्हें कालजयी कहानीकार बताया और बताया कि प्रेमचंद के बरेली से भी गहरे संबंध रहे।
उन्होंने कहा कि तत्कालीन साहित्यकार राधेश्याम कथा वाचक उनके निकट मित्र थे। वरिष्ठ साहित्यकार अतुल मिश्रा ने प्रेमचंद की कहानियों में समाज के सटीक चित्रण और आम आदमी के जीवन के सूक्ष्म प्रदर्शन पर बल दिया।
समारोह में सुरेश बाबू मिश्रा, ब्रजेश शर्मा, एस. के. कपूर हंस, उमेश त्रिगुणायत, उमेश चंद्र गुप्ता, गुरविंदर सिंह, ए. के. जैन, गंगाराम पाल, विमलेश चंद्र दीक्षित, संजीव शंखधर, निर्भय सक्सैना और रमेश रंजन ने अपने-अपने विचार व्यक्त किए। अंत में सम्मानित कथाकार निरुपमा अग्रवाल ने सभी उपस्थितों का आभार व्यक्त किया।






Leave a Reply