संचारी रोगों की रोकथाम और जनस्वास्थ्य को बेहतर बनाने के उद्देश्य से जिले में विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान का गुरुवार को शुभारंभ किया गया। एक से 31 अक्टूबर तक चलने वाले इस अभियान के साथ 12 से 31 अक्टूबर तक ‘दस्तक अभियान’ भी संचालित किया जाएगा। 300 शैय्या वाले जिला अस्पताल परिसर में आयोजित कार्यक्रम में कैंट विधायक संजीव अग्रवाल और मुख्य विकास अधिकारी देवयानी ने प्रचार वाहन, फॉगिंग मशीन तथा जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
अभियान के शुभारंभ अवसर पर कैंट विधायक संजीव अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशन में संचारी रोगों की रोकथाम के लिए व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अभियान की सफलता केवल सरकारी विभागों के प्रयासों से नहीं, बल्कि आमजन की सक्रिय भागीदारी से भी सुनिश्चित होगी। उन्होंने लोगों से अपने घरों और आसपास साफ अथवा गंदे पानी का जमाव न होने देने तथा स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने की अपील की। उन्होंने कहा कि डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियां मच्छरों के माध्यम से फैलती हैं, इसलिए मच्छर पनपने वाले स्थानों को समाप्त करना जरूरी है।
मुख्य विकास अधिकारी देवयानी ने कहा कि अभियान को प्रभावी बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग सहित सभी 13 विभाग माइक्रोप्लान के अनुसार आपसी समन्वय से कार्य करेंगे। उन्होंने संबंधित विभागों को अभियान के तहत निर्धारित गतिविधियों को पूरी गंभीरता और प्रभावी तरीके से संचालित करने के निर्देश दिए।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विश्राम सिंह ने बताया कि ‘दस्तक अभियान’ के दौरान आशा और एएनएम कार्यकर्ताओं द्वारा घर-घर भ्रमण किया जाएगा। इस दौरान बुखार एवं आईएलआई (इन्फ्लुएंजा लाइक इलनेस) के मरीजों की पहचान कर सूची तैयार की जाएगी। साथ ही क्षय रोग के संभावित लक्षण वाले लोगों की भी पहचान की जाएगी।
स्वास्थ्य कार्यकर्ता लोगों को मच्छरों से बचाव के उपायों के प्रति जागरूक करेंगे और घरों तथा आसपास मौजूद मच्छरों के प्रजनन स्थलों को चिन्हित कर उन्हें नष्ट कराने का कार्य करेंगे। बुखार से पीड़ित लोगों को निकटतम सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर जांच और उपचार के लिए प्रेरित किया जाएगा। अभियान के दौरान वेक्टर सर्वेक्षण के साथ-साथ लोगों को आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट (आभा) आईडी के बारे में जानकारी देकर उसके निर्माण में भी सहयोग किया जाएगा।
संचारी रोग नियंत्रण अभियान के नोडल एवं जिला सर्वेलेंस अधिकारी डॉ. प्रशांत रंजन ने बताया कि जिले में UDSP पोर्टल के माध्यम से डिजिटल इंटरवेंशन द्वारा अभियान की फील्ड गतिविधियों और प्रगति की ऑनलाइन निगरानी की जा रही है। घर-घर भ्रमण, बुखार एवं अन्य लक्षण वाले लोगों की पहचान, मच्छर प्रजनन स्थलों तथा जनजागरूकता गतिविधियों से संबंधित आंकड़े पोर्टल पर दर्ज किए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि डिजिटल आंकड़ों के आधार पर जोखिम वाले क्षेत्रों की पहचान कर संबंधित विभागों के साथ आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। इससे जलभराव की रोकथाम, स्वच्छता और मच्छर नियंत्रण जैसी गतिविधियों को अधिक प्रभावी ढंग से संचालित करने में मदद मिलेगी।
कार्यक्रम में मंडलीय सर्वेलेंस अधिकारी अखिलेश्वर सिंह, डिप्टी सीएमओ डॉ. अजमेर सिंह, जिला मलेरिया अधिकारी सत्येंद्र सिंह, सहायक मलेरिया अधिकारी सूरज प्रकाश, डब्ल्यूएचओ के डॉ. पीवी कौशिक, जेएसआई के फैजान अली सहित आशा, एएनएम एवं स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।







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