The Voice of Bareilly since 2010

गदरपुर में राष्ट्रीय किसान एवं सहकारिता सम्मेलन-2026 में उमड़ा किसानों का सैलाब

राष्ट्रीय किसान एवं सहकारिता सम्मेलन-2026

बरेलीलाइव@bareillynews:आधुनिक खेती, मृदा स्वास्थ्य और संतुलित उर्वरक उपयोग पर मंथन, सहकारिता को किसानों की आर्थिक मजबूती का आधार बताया

गदरपुर। कृषकों को आधुनिक खेती, वैज्ञानिक तकनीकों और सहकारिता से जोड़ने के उद्देश्य से कृषक भारती कोऑपरेटिव लिमिटेड (कृभको) की ओर से सोमवार को शहनाई वाटिका, आवास विकास, गदरपुर में राष्ट्रीय किसान एवं सहकारिता सम्मेलन-2026 का आयोजन किया गया। सम्मेलन में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में किसान एवं महिला किसान शामिल हुए। कृषि विशेषज्ञों, जनप्रतिनिधियों और सहकारिता क्षेत्र से जुड़े गणमान्य लोगों ने किसानों की आय बढ़ाने, खेती की लागत कम करने और आधुनिक कृषि पद्धतियों को अपनाने पर विचार साझा किए।

सम्मेलन की मुख्य अतिथि एवं कृभको की निदेशक शिल्पी अरोड़ा ने कहा कि सम्मेलन का उद्देश्य किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक, वैज्ञानिक खेती, संतुलित उर्वरक उपयोग, मृदा स्वास्थ्य, जल संरक्षण और कृषि क्षेत्र में हो रहे नवीनतम बदलावों की जानकारी उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि बदलते समय में किसानों को पारंपरिक खेती के साथ वैज्ञानिक तरीकों और नई तकनीकों को अपनाना होगा, तभी उत्पादन बढ़ाने के साथ खेती को अधिक लाभकारी बनाया जा सकेगा।

उन्होंने सहकारिता को किसानों की आर्थिक मजबूती का महत्वपूर्ण माध्यम बताते हुए कहा कि सहकारी संस्थाओं के माध्यम से किसान सामूहिक रूप से आगे बढ़ सकते हैं और कृषि संसाधनों, खाद-बीज, तकनीक तथा बाजार तक बेहतर पहुंच बना सकते हैं।

अरविंद पांडे बोले- किसान देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़

गदरपुर विधायक अरविंद पांडे ने कहा कि किसान देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और किसानों की खुशहाली में ही देश की तरक्की निहित है। उन्होंने किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक, बेहतर संसाधन और उचित मार्गदर्शन उपलब्ध कराने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि नई तकनीकों के इस्तेमाल से खेती की लागत कम करने और उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलेगी।

तिलकराज बेहड़ ने उठाया खाद की उपलब्धता का मुद्दा

किच्छा विधायक तिलकराज बेहड़ ने किसानों को संबोधित करते हुए ‘जय जवान, जय किसान’ का नारा दिया। उन्होंने कहा कि जवान देश की सुरक्षा और किसान देश की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करता है। किसानों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान होना चाहिए।

उन्होंने किसानों को खाद की उपलब्धता का मुद्दा उठाते हुए कहा कि वर्तमान में किसानों को सीमित मात्रा में खाद मिल रही है। किसानों के लिए खाद का कोटा बढ़ाया जाना चाहिए, ताकि खेती के समय उन्हें उर्वरक के लिए परेशान न होना पड़े और आवश्यकता के अनुसार समय पर पर्याप्त खाद उपलब्ध हो सके।

आदेश चौहान ने सहकारिता को बताया किसानों की ताकत

जसपुर विधायक आदेश चौहान ने कहा कि सहकारिता किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत करने का प्रभावी माध्यम है। किसान सामूहिक रूप से कार्य करते हैं तो उनकी सौदेबाजी की क्षमता बढ़ती है और कृषि उत्पादों के विपणन सहित अन्य क्षेत्रों में भी बेहतर अवसर मिलते हैं।

उन्होंने कहा कि सहकारी संस्थाओं को गांव-गांव तक मजबूत करने की आवश्यकता है, ताकि छोटे और सीमांत किसानों को भी इसका सीधा लाभ मिल सके।

विशेषज्ञों ने बताए खेती को लाभकारी बनाने के तरीके

सम्मेलन में कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को मृदा स्वास्थ्य, संतुलित उर्वरक उपयोग, जल संरक्षण, वैज्ञानिक खेती, आधुनिक कृषि तकनीक और खेती की लागत कम करने के संबंध में जानकारी दी। विशेषज्ञों ने कहा कि मिट्टी की जांच के आधार पर उर्वरकों का इस्तेमाल और पानी का उचित प्रबंधन करने से खेती की लागत कम करने के साथ उत्पादन को बेहतर बनाया जा सकता है।

सम्मेलन में किसानों ने कृषि और सहकारिता से जुड़ी अपनी समस्याएं एवं सुझाव भी रखे। आयोजकों ने कहा कि किसानों, विशेषज्ञों और सहकारिता क्षेत्र से जुड़े लोगों को एक मंच पर लाकर अनुभव एवं जानकारी का आदान-प्रदान कराना सम्मेलन का प्रमुख उद्देश्य रहा।

बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और किसान रहे मौजूद

सम्मेलन में किच्छा विधायक तिलकराज बेहड़, गदरपुर विधायक अरविंद पांडे, जसपुर विधायक आदेश चौहान, सुमित्तर भुल्लर, हरिचंद छाबड़ा, सुभाष बेहड़, साक्षी छाबड़ा, धर्मचंद खेड़ा, टीकम खेड़ा, जकीउल्लाह खां, तजेंद्र सिंह, शैलेंद्र सिंह, सोनाली गाबा, सतनाम कंबोज, किशनचंद विनायक, टेकचंद कंबोज और भीम ठकराल सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, किसान एवं सहकारिता क्षेत्र से जुड़े गणमान्य लोग मौजूद रहे।

सम्मेलन के आयोजन में फिक्की लेडीज ऑर्गेनाइजेशन (FLO) उत्तराखंड चैप्टर, सैफ्रन एग्रो मल्टी स्टेट कोऑपरेटिव सोसायटी लिमिटेड तथा तिरुपति कोऑपरेटिव का विशेष सहयोग एवं सहभागिता रही। किसानों के लिए पूर्व पंजीकरण की व्यवस्था भी की गई थी।

कार्यक्रम के अंत में सम्मेलन में शामिल किसानों एवं महिला किसानों को स्मृति चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया। मंच संचालन पंतनगर विश्वविद्यालय से आई ज्योति कंवल ने किया। सम्मेलन के दौरान किसानों में खासा उत्साह देखने को मिला। आयोजन में किसानों को आधुनिक तकनीक, वैज्ञानिक खेती और मजबूत सहकारिता व्यवस्था से जोड़ने का संकल्प लिया गया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!