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40 जोड़ों का निकाह, सादगीपूर्ण शादी का दिया संदेश

40 जोड़ों का निकाह सादगीपूर्ण शादी का दिया संदेश

bareillylive@bareillynews:तृतीय उर्स-ए-सकलैनी के मौके पर सामूहिक विवाह समारोह, देशभर में समाजसेवा के कार्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प

बरेली। तृतीय उर्स-ए-सकलैनी के मुबारक मौके पर हज़रत शाह सकलैन एकेडमी ऑफ इंडिया की ओर से गुरुवार को बिशप मंडल इंटर कॉलेज ग्राउंड, सिविल लाइंस में सामूहिक विवाह समारोह आयोजित किया गया। समारोह में 40 जोड़ों का निकाह पढ़ाया गया। कार्यक्रम खानकाह-ए-आलिया सकलैनिया शराफतिया के सज्जादानशीन हज़रत शाह मोहम्मद ग़ाज़ी मियां हुज़ूर की सरपरस्ती में संपन्न हुआ।

कार्यक्रम का शुभारंभ शाम पांच बजे तिलावत-ए-कलाम-ए-पाक से हुआ। इसके बाद सभी 40 जोड़ों का निकाह कराया गया। निकाह के बाद मगरिब की नमाज अदा की गई। नमाज के पश्चात आयोजित तकरीरी कार्यक्रम में खुसूसी उलमा अल्लामा मुफ्ती फ़हीम अजहरी सकलैनी, अल्लामा प्रोफेसर हज़रत महमूद उल हसन और हज़रत मुफ्ती रुम्मान क़ादरी सकलैनी ने निकाह की फ़ज़ीलत, पाकीज़गी और अहमियत पर विस्तार से रोशनी डाली।

सादगीपूर्ण विवाह को बढ़ावा देने की अपील

उलमा ने कहा कि समाज में बढ़ती बुराइयों और गुमराही का एक प्रमुख कारण बुजुर्गों की तालीमात और इस्लामी शिक्षाओं से दूरी है। शादियों में नाजायज रस्मों, फिजूलखर्ची और गैर-शरई तौर-तरीकों के बढ़ते चलन का समाज और आने वाली नस्लों पर भी असर पड़ रहा है।

उन्होंने लोगों से अपील की कि नाजायज और गैर-शरई रस्मों से बचते हुए शादियों को इस्लामी शिक्षाओं के मुताबिक आसान और सादगीपूर्ण बनाया जाए।

कार्यक्रम का संचालन मुख्तार तिलहरी सकलैनी ने किया। इस दौरान हाफिज आमिल सकलैनी, हसीब रौनक सकलैनी, अरबाज़ सकलैनी और इमरान सकलैनी आदि ने नात व मनकबत के कलाम पेश किए।

मेहमानों के लिए भी किए गए इंतजाम

समारोह में प्रत्येक जोड़े की ओर से लड़के और लड़की पक्ष के 50-50 मेहमानों को आमंत्रित किया गया था। एकेडमी की ओर से सभी मेहमानों के खाने-पीने का भी इंतजाम किया गया।

देशभर में सामूहिक विवाह आयोजित कर रही एकेडमी

एकेडमी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हाजी लतीफ सकलैनी ने बताया कि हज़रत शाह सकलैन एकेडमी ऑफ इंडिया की ओर से देशभर में बड़े पैमाने पर सामूहिक विवाह समारोह आयोजित किए जा रहे हैं। मुंबई, सूरत, अहमदाबाद, जैतपुर, भोपाल, झांसी, दिल्ली और उत्तराखंड के कई शहरों व कस्बों के अलावा मुरादाबाद, रामपुर, मिलक, फतेहगंज, बदायूं और ककराला सहित विभिन्न स्थानों पर भी ऐसे आयोजन किए जाते हैं।

उन्होंने कहा कि एकेडमी गरीब और जरूरतमंद परिवारों की मदद के लिए लगातार कार्य कर रही है। इसका उद्देश्य यह है कि किसी जरूरतमंद परिवार पर शादी का आर्थिक बोझ न पड़े और समाज में सादगीपूर्ण विवाह को बढ़ावा मिले। उन्होंने कहा कि ये कार्य पीरो-मुर्शिद हज़रत शाह मोहम्मद सकलैन मियां हुज़ूर की तालीमात के मुताबिक खिदमत-ए-खल्क के रूप में किए जा रहे हैं।

गणमान्य लोगों ने की शिरकत

समारोह में शहर के कई गणमान्य लोगों ने भी शिरकत की। इनमें महापौर उमेश गौतम, इंजीनियर अनीस अहमद, समाजवादी पार्टी के जिला अध्यक्ष शुभलेश यादव, नगर अध्यक्ष शमीम सुलतानी, डॉ. अनीस बेग, डॉ. धर्मेंद्र नाथ, रत्नेश गंगवार, नवाब मुजाहिद हसन, सैफ वली खान और सय्यद गौहर अली आदि शामिल रहे। सभी ने सज्जादानशीन हज़रत ग़ाज़ी मियां हुज़ूर से मुलाकात कर दुआएं हासिल कीं।

इस अवसर पर अल्हाज सादकैन मियां, हाफिज गुलाम गौस, मुर्तुजा सकलैनी, मुन्तसिब सकलैनी, मुनीफ सकलैनी, असदक सकलैनी, ज़िया राशिद सकलैनी, मौलाना रिफाकत सकलैनी, मौलाना यूनुस बरकाती, मौलाना जान मोहम्मद सकलैनी, मौलाना नफीस सकलैनी, हाफिज जब्बार सकलैनी, हाफिज जाने आलम सकलैनी और हाफिज तहव्वर सकलैनी आदि मौजूद रहे।

100 वालेंटियर्स ने संभाली व्यवस्थाएं

समारोह को व्यवस्थित और सफल बनाने के लिए एकेडमी की ओर से करीब 100 वालेंटियर्स ने विभिन्न जिम्मेदारियां संभालीं। व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने में हाजी इंतिजार सकलैनी, मेराज सकलैनी, उस्मान सकलैनी, अकरम सकलैनी, आफताब आलम, खुर्रम सकलैनी, राजा सकलैनी, शावेज़ सकलैनी, सय्यद आमिर, सय्यद राशिद सकलैनी, मुशाहिद सकलैनी, जमील सकलैनी, राशिद सकलैनी, मोहसिन सकलैनी, फैसल सकलैनी, कामिल सकलैनी, फैमी सकलैनी, आरिफ़ सकलैनी और अब्बास सकलैनी आदि ने विशेष योगदान दिया।

नवविवाहित जोड़ों को दी गईं दुआएं

समारोह के अंत में सज्जादानशीन हज़रत शाह मोहम्मद ग़ाज़ी मियां हुज़ूर ने सभी 40 नवविवाहित जोड़ों को नई जिंदगी की शुरुआत पर दुआएं दीं। उन्होंने नवदंपतियों को इस्लाम और शरीयत के मुताबिक सादगीपूर्ण जीवन गुजारने की नसीहत की।

उन्होंने शहर, प्रदेश और देश की खुशहाली, उन्नति और आपसी भाईचारे के लिए भी खुसूसी दुआ की। आयोजकों के मुताबिक, सामूहिक विवाह जैसे आयोजन समाज में सादगीपूर्ण विवाह, सामाजिक एकता और जरूरतमंद परिवारों की मदद का संदेश देते हैं।

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