bareillylive@bareillynews:बरेली। हरियाणा के ग्रामीण परिवेश से निकलकर अपने सपनों को नई उड़ान देने वाली टैलेंटेड रितु इंसान की प्रेरणादायक यात्रा आज महिला सशक्तिकरण की एक मिसाल बन चुकी है। सामाजिक बंदिशों और तमाम चुनौतियों के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और अपने हुनर व मेहनत के दम पर हजारों बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में उल्लेखनीय काम किया।
संघर्षों के बीच चुना साहस का रास्ता
टैलेंटेड रितु इंसान का सफर आसान नहीं रहा। ग्रामीण परिवेश, सामाजिक परंपराओं और विभिन्न चुनौतियों के बीच उन्होंने अपने सपनों को जीवित रखा। परिस्थितियों के सामने झुकने के बजाय उन्होंने साहस और दृढ़ संकल्प को अपनी ताकत बनाया।
लगातार मेहनत और स्पष्ट लक्ष्य के साथ उन्होंने फैशन डिजाइनिंग को केवल रोजगार का माध्यम नहीं, बल्कि महिला आत्मनिर्भरता और आर्थिक स्वतंत्रता का जरिया बनाने का प्रयास किया।
भाई रविंदर सिवाच ने दिया मजबूत साथ
इस अभियान में उनके भाई श्री रविंदर सिवाच ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। दोनों का उद्देश्य लड़कियों को शिक्षा और हुनर से जोड़ना, उन्हें आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनाना और अपने सपनों को आत्मविश्वास एवं सम्मान के साथ पूरा करने के लिए सक्षम बनाना रहा।
2022 में महज 30 विद्यार्थियों से हुई शुरुआत
टैलेंटेड रितु इंसान फैशन डिजाइनिंग इंस्टीट्यूट की शुरुआत वर्ष 2022 में हुई। संस्थान की पहली शाखा, जो वर्तमान में मुख्यालय के रूप में कार्यरत है, महज 30 विद्यार्थियों के साथ शुरू की गई थी।
संस्थान के अनुसार, महज चार वर्षों के भीतर यह पहल एक बड़े अभियान का रूप ले चुकी है। 30 विद्यार्थियों से शुरू हुआ सफर अब 3.5 लाख से अधिक बेटियों को प्रशिक्षण देने तक पहुंच चुका है।
हरियाणा से पंजाब और मध्य प्रदेश तक 46 शाखाओं का विस्तार
आज संस्थान की हरियाणा, पंजाब, मध्य प्रदेश समेत विभिन्न राज्यों में 46 शाखाएं संचालित होने का दावा किया गया है। संस्थान को फैशन डिजाइनिंग के क्षेत्र में कौशल विकास के लिए पहचान मिली है। इसके अलावा इंटरनेशनल एक्सीलेंस एंड ग्लोबल आइकन अवार्ड्स 2026 में सर्वश्रेष्ठ कौशल विकास संस्थान का पुरस्कार मिलने की भी जानकारी दी गई है।
बरेली में भी बेटियों को मिल रहा हुनर का मंच
महिला सशक्तिकरण के इस अभियान की पहुंच बरेली तक भी है। बरेली में संस्थान को 4.8 की रेटिंग और 1,024 से अधिक सकारात्मक समीक्षाएं मिलने का दावा किया गया है।
यहां छात्राओं के लिए फैशन डिजाइनिंग, ब्यूटी पार्लर, कंप्यूटर सहित विभिन्न कौशल आधारित कोर्स उपलब्ध हैं। इन पाठ्यक्रमों के जरिए युवतियों को रोजगार और स्वरोजगार के लिए जरूरी हुनर प्रदान करने पर जोर दिया जा रहा है।
सफलता से आगे बढ़कर बदलाव की कहानी
टैलेंटेड रितु इंसान की कहानी केवल व्यक्तिगत सफलता तक सीमित नहीं है। यह उन बेटियों के लिए प्रेरणा है, जो परिस्थितियों के कारण अपने सपनों को पीछे छोड़ने को मजबूर हो जाती हैं।
उनकी पहल का उद्देश्य बेटियों को केवल प्रशिक्षण देना नहीं, बल्कि उन्हें आत्मविश्वास, हुनर और आर्थिक स्वतंत्रता के साथ आगे बढ़ने का अवसर देना है। ग्रामीण परिवेश से शुरू हुई यह यात्रा आज महिला सशक्तिकरण और कौशल विकास की दिशा में एक प्रेरणादायक उदाहरण के तौर पर सामने आ रही है।






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