bareillylive@bareillynews:रेक्टल प्रोलैप्स, बवासीर, एनल फिशर, फिस्टुला समेत कई जटिल रोगों का हुआ उपचार
बरेली। एसआरएमएस मेडिकल कॉलेज में आयोजित दो दिवसीय कोलोप्रोक्टोलॉजी कांफ्रेंस एवं ट्रेनिंग वर्कशॉप का रविवार को समापन हो गया। वर्कशॉप के दूसरे दिन रेक्टल प्रोलैप्स, ग्रेड-3 बवासीर, पेरिअनल एब्सेस, एनल फिशर, एनल फिस्टुला और पाइलोनाइडल साइनस जैसी समस्याओं से जूझ रहे डेढ़ दर्जन से अधिक मरीजों के निशुल्क ऑपरेशन किए गए।
वर्कशॉप के दौरान विशेषज्ञ चिकित्सकों ने ऑपरेशन थिएटर में मरीजों की सर्जरी की। इन ऑपरेशनों का लाइव टेलीकास्ट ऑडिटोरियम में मौजूद चिकित्सकों के लिए किया गया, जिससे उन्हें विभिन्न सर्जिकल तकनीकों और प्रक्रियाओं की व्यावहारिक जानकारी मिल सकी।
विशेषज्ञ चिकित्सकों ने की जटिल सर्जरी
इंटरनेशनल सोसायटी ऑफ कोलोप्रोक्टोलॉजी (ISCP) के पूर्व प्रेसिडेंट डा. प्रशांत रहाटे, एकेडमिक कन्वीनर डा. दिनेश शाह, सेक्रेटरी डा. नीरज गोयल, ज्वाइंट सेक्रेटरी डा. मधुकर पाई, डा. अंशुल शाह, डा. एसके निगम, डा. कल्याण कर, डा. अंकुर बंसल, डा. जितेन चौधरी और डा. मधुबाला समेत विशेषज्ञ चिकित्सकों ने ऑपरेशन किए।
सबसे पहले कई वर्षों से रेक्टल प्रोलैप्स की समस्या से परेशान दीप चंद तिवारी का ऑपरेशन डा. प्रशांत रहाटे ने चिवेट्स सैक्रोरेक्टोपेक्सी विद पैरानियारैफी विधि से किया। वहीं ग्रेड-3 बवासीर से पीड़ित तालिब कुरैशी का ऑपरेशन डा. दिनेश शाह ने चिवेट्स हेमोरायडोपेक्सी तकनीक से किया।
पेरिअनल एब्सेस से परेशान श्यामाचरण का डा. अंशुल शाह ने EUA विधि से तथा एनल फिशर के कारण गंभीर दर्द से जूझ रहे दीपक सिंह का डा. एसके निगम ने लेटरल इंटरनल स्फिंक्टरोटॉमी विधि से ऑपरेशन किया।
फिस्टुला और बवासीर के मरीजों को मिली राहत
फिस्टुला की समस्या से पीड़ित छविनाथ, धौली देवी, जलीस अहमद, बाबू राम, जगदीश चंद्र, सुरेंद्र सिंह और इंदर पाल का अलग-अलग आधुनिक तकनीकों से उपचार किया गया। इनमें फिस्टुलेक्टोमी, स्फिंक्टर रिपेयर, LIFT के साथ लेजर और EUA जैसी प्रक्रियाओं का इस्तेमाल किया गया।
डा. कल्याण कर ने लेजर हेमोरायडोपेक्सी के जरिए मोहित कुमार का ऑपरेशन कर उन्हें ग्रेड-2 बवासीर की समस्या से राहत दिलाई।
वहीं पाइलोनाइडल साइनस से परेशान आरिश अहमद का डा. जितेन चौधरी ने लेजर एक्सीजन विधि से ऑपरेशन किया। इंटरनल एब्सेस के साथ फिस्टुला से पीड़ित विष्णु कुमार का डा. मधुकर पाई ने EUA प्रक्रिया से उपचार किया। ग्रेड-3 बवासीर से पीड़ित नैनिका का डा. मधुबाला ने MIPS विधि से ऑपरेशन किया।
इसके अलावा नवीन प्रसाद का फिशरेक्टॉमी के साथ फिस्टुलोटोमी और मनोहर लाल का बायोप्सी सहित ऑपरेशन किया गया। इन दोनों मरीजों का उपचार डा. हरीश गौड़ा ने किया।
विशेषज्ञों ने आयोजन को बताया उपयोगी
कोलोप्रोक्टोलॉजी कांफ्रेंस एवं ट्रेनिंग वर्कशॉप के चेयरमैन एवं जनरल, लेप्रोस्कोपिक एवं रोबोटिक सर्जरी विभागाध्यक्ष डा. एसके सागर ने बताया कि वर्कशॉप का उद्देश्य चिकित्सकों को कोलोप्रोक्टोलॉजी से जुड़ी आधुनिक सर्जिकल तकनीकों से अवगत कराना था। उन्होंने कहा कि लाइव सर्जरी के माध्यम से चिकित्सकों और पीजी विद्यार्थियों को उपचार की तकनीक को करीब से समझने का अवसर मिला।
एसोसिएशन ऑफ सर्जन्स ऑफ इंडिया के बरेली चैप्टर के सहयोग से आयोजित इस कांफ्रेंस में विशेषज्ञ चिकित्सकों, डेलीगेट्स और पीजी विद्यार्थियों ने भाग लिया। सभी चिकित्सकों ने आयोजन को सफल बताते हुए इसकी सराहना की।
इस अवसर पर एसआरएमएस मेडिकल कॉलेज के डायरेक्टर आदित्य मूर्ति, एसोसिएशन ऑफ सर्जन्स ऑफ इंडिया के बरेली चैप्टर के अध्यक्ष डा. कौशल कुमार, सेक्रेटरी डा. सुजॉय मुखर्जी, कांफ्रेंस एवं ट्रेनिंग वर्कशॉप के सेक्रेटरी एवं एएसआई बरेली चैप्टर के ट्रेजरार डा. अमित सिंह सहित डेलीगेट्स और पीजी विद्यार्थी मौजूद रहे।






Leave a Reply