BareillyLive : बरेली कॉलेज में फीस बढ़ोतरी के विरोध में सोमवार, 21 सितंबर 2026 को छात्रनेता अर्पण गर्ग के नेतृत्व में छात्र-छात्राओं ने कॉलेज प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। छात्रों ने फीस बढ़ोतरी के कारणों को स्पष्ट करने और इससे संबंधित शासनादेश, विश्वविद्यालय के आदेश अथवा प्रबंध समिति के प्रस्ताव को सार्वजनिक करने की मांग की।
छात्रों का आरोप है कि नगर निगम का कॉलेज पर करीब 29 करोड़ रुपये का बकाया टैक्स है और इस आर्थिक बोझ को छात्रों पर डालने के लिए फीस में बढ़ोतरी की गई है। छात्रों ने इसे अनुचित बताते हुए फीस वृद्धि का आधार सार्वजनिक करने की मांग की।
फीस बढ़ोतरी का आधार सार्वजनिक करने की मांग
ज्ञापन में छात्रनेता अर्पण गर्ग ने मांग की कि फीस बढ़ोतरी से संबंधित शासनादेश, विश्वविद्यालय का आदेश, प्रबंध समिति के प्रस्ताव समेत अन्य दस्तावेज छात्रों को उपलब्ध कराए जाएं। इसके साथ ही कॉलेज परिसर में साफ-सफाई और स्वच्छ पेयजल की समुचित व्यवस्था कराने की मांग भी रखी गई।
छात्रों ने कॉलेज कर्मचारियों द्वारा विद्यार्थियों से अभद्रता किए जाने की शिकायत करते हुए संबंधित कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
उपप्राचार्या ने दिया जानकारी उपलब्ध कराने का आश्वासन
प्राचार्य की अनुपस्थिति में उपप्राचार्या वंदना शर्मा ने छात्रों का ज्ञापन स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि फीस बढ़ोतरी के मूल कारण के संबंध में उन्हें जानकारी नहीं है। उन्होंने छात्रों को मामले की सटीक जानकारी उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। वहीं, छात्रों से अभद्रता की शिकायत के मामले में संबंधित कर्मचारी को चेतावनी नोटिस जारी किए जाने की जानकारी दी गई।
22 सितंबर को प्रतिनिधिमंडल करेगा चर्चा
छात्रनेता अर्पण गर्ग ने बताया कि 22 सितंबर 2026 को छात्रों का प्रतिनिधिमंडल कॉलेज प्रशासन से मुलाकात करेगा। इस दौरान फीस बढ़ोतरी के साथ-साथ कॉलेज में बताई जा रही अन्य अनियमितताओं को लेकर विस्तार से चर्चा की जाएगी।
ज्ञापन सौंपने के दौरान अर्पण गर्ग के अलावा अंजू, संजय वर्मा, आकाश, अजीम बेग, आयुष राणा, अमजद खान, श्रद्धा शर्मा, सुरजीत कोहली, अनुज दाऊ, हर्षित, सिद्धांत, गौरव कुमार, आदित्य कुमार, पूनम, लोकेश कुमार, ज्योत्सना, विलास, आदित्य धनराज समेत बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
पहले भी उठ चुका है फीस बढ़ोतरी का मुद्दा
बरेली कॉलेज पर नगर निगम का करीब 29 से 32 करोड़ रुपये का टैक्स बकाया होने की बात सामने आती रही है। छात्र संगठनों का आरोप है कि इस बकाये का बोझ छात्रों पर फीस बढ़ाकर नहीं डाला जाना चाहिए। इससे पहले 9 सितंबर को समाजवादी छात्र सभा ने कलेक्ट्रेट तक ‘छात्र न्याय मार्च’ निकालकर भी इस मुद्दे को उठाया था।






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