आयुर्वेद को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाएं, स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं : सांसद छत्रपाल सिंह गंगवार
योग एवं आयुर्वेद के मूल सिद्धांत स्वस्थ जीवन के लिए जरूरी : जिलाधिकारी अविनाश सिंह
बरेली@bareillylive:बरेली। ग्यारहवें आयुर्वेद दिवस के अवसर पर सोमवार को गांधी उद्यान में जन-जागरूकता रैली, योगाभ्यास एवं जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ सांसद बरेली छत्रपाल सिंह गंगवार और जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने भगवान धन्वंतरि के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलित कर किया।
कार्यक्रम के दौरान डॉ. गरिमा सिंह ने योगाभ्यास कराया। इसमें रोहिलखंड आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज एवं गंगाशील आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज के छात्र-छात्राओं के साथ अन्य प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया।
आयुर्वेद को दैनिक जीवन में अपनाने का आह्वान

सांसद छत्रपाल सिंह गंगवार ने कहा कि आयुर्वेद को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाया जाना चाहिए। आयुर्वेद के माध्यम से शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर रखने के साथ मानसिक तनाव से भी राहत मिल सकती है। उन्होंने आयुर्वेद की प्राचीन परंपरा और स्वस्थ जीवनशैली में इसके महत्व पर प्रकाश डाला।
जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने कहा कि आयुर्वेद में वात, पित्त और कफ को शरीर के तीन प्रमुख दोष माना गया है। इनके संतुलन में रहने से शरीर स्वस्थ रहता है, जबकि असंतुलन होने पर विभिन्न प्रकार की स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।
उन्होंने कहा कि आयुर्वेद हमारी प्राचीन चिकित्सा पद्धति है, जो संतुलित आहार, स्वस्थ जीवनशैली और प्राकृतिक उपचार के माध्यम से निरोग रहने का मार्ग बताती है। नागरिकों से आयुर्वेद के सिद्धांतों को दैनिक जीवन में अपनाने और योग को दिनचर्या का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।
जिलाधिकारी ने कहा कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में बीमारियों से बचाव के लिए योग एवं आयुर्वेद के मूल सिद्धांतों को अपनाना आवश्यक है। उन्होंने निरोगी रहने के लिए नियमित योगाभ्यास करने पर जोर दिया।
सांसद और जिलाधिकारी ने दिखाई हरी झंडी

आयुर्वेद के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से गांधी उद्यान से चौकी चौराहा होते हुए पुनः गांधी उद्यान तक जागरूकता रैली निकाली गई। सांसद छत्रपाल सिंह गंगवार एवं जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने हरी झंडी दिखाकर रैली को रवाना किया।
रैली में 500 से अधिक लोगों ने भाग लिया। प्रतिभागियों ने आयुर्वेद के महत्व और स्वस्थ जीवनशैली से संबंधित विभिन्न स्लोगन के माध्यम से लोगों को जागरूक किया।
कार्यक्रम प्रभारी डॉ. विवेक कुमार मिश्रा ने आयुर्वेद के प्रचार-प्रसार और दैनिक जीवन में इसके उपयोग के संबंध में जानकारी दी। जिला होम्योपैथिक चिकित्सा अधिकारी डॉ. मंजू सिंह तथा क्षेत्रीय यूनानी अधिकारी डॉ. कुर्तुल ऐन जैहरा जैदी ने भी प्राचीन चिकित्सा पद्धतियों के महत्व पर प्रकाश डाला।
53 आयुर्वेदिक चिकित्सालयों में भी हुए कार्यक्रम
कार्यक्रम में रोहिलखंड आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज एवं गंगाशील आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज के छात्र-छात्राओं, विभागीय चिकित्साधिकारियों, कर्मचारियों और योग प्रशिक्षकों सहित 500 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में डॉ. विवेक मिश्रा, डॉ. मनोज कुमार, डॉ. संजीव पटेल, डॉ. अमरीश अवस्थी, डॉ. संजय कुमार, डॉ. तपिश माहेश्वरी, डॉ. सुरेश सिंह, डॉ. प्रवेश कुमार, डॉ. प्रदीप कुमार, डॉ. शालिनी कौशिक, डॉ. वंदना मिश्रा, डॉ. विश्वजीत त्रिपाठी, डॉ. लक्ष्मी मौर्य एवं सभी योग प्रशिक्षकों का सहयोग रहा। संचालन डॉ. मनोज कुमार ने किया।
आयुर्वेद दिवस के अवसर पर जनपद में संचालित सभी 53 आयुर्वेदिक चिकित्सालयों में भी भगवान धन्वंतरि का पूजन किया गया। इसके साथ ही संगोष्ठियों और चिकित्सा शिविरों का आयोजन कर आमजन को आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति, स्वस्थ जीवनशैली और औषधीय पौधों के महत्व की जानकारी दी गई।






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