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भारत में आएंगे प्लास्टिक के नोट? ₹10 और ₹20 के पॉलिमर नोट पर RBI की तैयारी तेज, दो कंपनियों ने लगाई बोली

 भारत में जल्द ही कागज की जगह पॉलिमर से बने ₹10 और ₹20 के नोट देखने को मिल सकते हैं। RBI के फील्ड ट्रायल की तैयारी के बीच UFlex और Spectra Systems ने मिलकर प्रोजेक्ट के लिए बोली जमा की है।

भारत में करेंसी नोटों को लेकर एक बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ₹10 और ₹20 मूल्यवर्ग के पॉलिमर यानी प्लास्टिक नोटों के फील्ड ट्रायल की तैयारी कर रहा है। इस दिशा में RBI की पूर्ण स्वामित्व वाली कंपनी भारतीय रिजर्व बैंक नोट मुद्रण प्राइवेट लिमिटेड (BRBNMPL) ने पॉलिमर करेंसी के लिए जरूरी सामग्री की सप्लाई को लेकर प्रस्ताव आमंत्रित किए हैं।

इस प्रोजेक्ट में भारतीय कंपनी UFlex ने अमेरिका की Spectra Systems के साथ साझेदारी करते हुए संयुक्त बोली जमा की है। इससे भारत में पॉलिमर नोटों के संभावित इस्तेमाल को लेकर तैयारियां आगे बढ़ती नजर आ रही हैं।

₹10 और ₹20 के नोटों का होगा फील्ड ट्रायल

सरकार पहले ही ₹10 और ₹20 के पॉलिमर नोटों के फील्ड ट्रायल को मंजूरी दे चुकी है। अब इन नोटों के निर्माण के लिए जरूरी सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।

पॉलिमर नोट सामान्य कागजी नोटों की तुलना में अधिक टिकाऊ माने जाते हैं। दुनिया के कई देशों में पहले से ही पॉलिमर करेंसी का इस्तेमाल किया जा रहा है। भारत में भी इसके ट्रायल का उद्देश्य कम मूल्यवर्ग के नोटों की टिकाऊपन और उपयोगिता का आकलन करना है।

RBI की कंपनी BRBNMPL ने मांगे प्रस्ताव

इस प्रोजेक्ट की प्रक्रिया BRBNMPL ने शुरू की है। यह भारतीय रिजर्व बैंक की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है और बैंकनोट की छपाई से जुड़ी गतिविधियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

प्रस्तावित खरीद में पॉलिमर नोटों के निर्माण के लिए जरूरी BOPP (Biaxially Oriented Polypropylene) आधारित विशेष सामग्री की जरूरत बताई गई है। इस सामग्री का इस्तेमाल नोट की प्रिंटिंग प्रक्रिया में किया जाता है और यह स्याही को सतह पर बेहतर तरीके से चिपकने में मदद करती है।

करीब 68,000 रीम सामग्री की जरूरत

प्रस्तावित खरीद के तहत करीब 68,000 रीम सामग्री की आवश्यकता बताई गई है।

इसमें:

  • ₹10 के पॉलिमर नोटों के लिए करीब 34,000 रीम
  • ₹20 के पॉलिमर नोटों के लिए करीब 34,000 रीम

सामग्री शामिल है।

यह खरीद प्रक्रिया पॉलिमर नोटों के फील्ड ट्रायल की तैयारियों का अहम हिस्सा मानी जा रही है।

UFlex और Spectra Systems ने मिलकर लगाई बोली

इस प्रोजेक्ट में भारतीय कंपनी UFlex और अमेरिका की Spectra Systems की साझेदारी सामने आई है। दोनों कंपनियों ने मिलकर पॉलिमर करेंसी से जुड़े इस प्रोजेक्ट के लिए संयुक्त बोली जमा की है।

UFlex को पॉलिमर और पैकेजिंग सामग्री के क्षेत्र में विशेषज्ञता हासिल है, जबकि Spectra Systems बैंकनोट की सुरक्षा और पहचान से जुड़ी तकनीक पर काम करती है। ऐसे में दोनों कंपनियों की विशेषज्ञता इस प्रोजेक्ट में अलग-अलग स्तर पर उपयोगी हो सकती है।

हालांकि, संयुक्त बोली में शामिल होने को लेकर UFlex से प्रतिक्रिया मांगी गई थी, लेकिन कंपनी की ओर से इस संबंध में कोई जवाब सामने नहीं आया है।

पॉलिमर नोट कागज के नोट से कैसे अलग होंगे?

पॉलिमर नोट प्लास्टिक आधारित विशेष सामग्री से तैयार किए जाते हैं। इन्हें सामान्य कागजी नोटों की तुलना में ज्यादा टिकाऊ माना जाता है। पानी और नमी के प्रति इनकी प्रतिरोधक क्षमता भी अधिक होती है।

पॉलिमर करेंसी में सुरक्षा फीचर्स को शामिल करना भी अपेक्षाकृत आसान हो सकता है। यही वजह है कि दुनिया के कई देशों ने अलग-अलग मूल्यवर्ग के लिए पॉलिमर नोटों को अपनाया है।

क्या भारत में जल्द शुरू होगी पॉलिमर नोटों की शुरुआत?

फिलहाल इसे फील्ड ट्रायल की तैयारी के तौर पर देखा जाना चाहिए। इसका मतलब यह नहीं है कि ₹10 और ₹20 के मौजूदा कागजी नोट तुरंत बंद कर दिए जाएंगे।

पहले ट्रायल के जरिए पॉलिमर नोटों की प्रिंटिंग, टिकाऊपन, सुरक्षा और इस्तेमाल से जुड़े पहलुओं का आकलन किया जाएगा। इसके बाद ही बड़े स्तर पर इनके इस्तेमाल को लेकर आगे का फैसला किया जा सकता है।

भारत में पॉलिमर करेंसी क्यों लाई जा रही है?

पॉलिमर नोटों की ओर बढ़ने के पीछे सबसे अहम वजह इनका टिकाऊपन माना जाता है। छोटे मूल्यवर्ग के नोट आमतौर पर ज्यादा तेजी से इस्तेमाल होते हैं और जल्दी खराब हो सकते हैं।

अगर पॉलिमर नोट ज्यादा लंबे समय तक चल पाते हैं, तो इससे नोटों की बार-बार छपाई और उन्हें बदलने की जरूरत पर असर पड़ सकता है। हालांकि, भारत में इसके वास्तविक फायदे का आकलन फील्ड ट्रायल के बाद ही बेहतर तरीके से किया जा सकेगा।

FAQs

क्या भारत में प्लास्टिक के नोट आने वाले हैं?

RBI ₹10 और ₹20 के पॉलिमर नोटों के फील्ड ट्रायल की तैयारी कर रहा है। फिलहाल इसे देशभर में पॉलिमर नोट लागू करने की घोषणा नहीं माना जाना चाहिए।

पॉलिमर नोट किस चीज से बनते हैं?

पॉलिमर नोट विशेष प्लास्टिक सामग्री से बनाए जाते हैं। इसमें BOPP जैसी पॉलीप्रोपाइलीन आधारित सामग्री का इस्तेमाल किया जा सकता है।

पॉलिमर नोट के लिए किन कंपनियों ने बोली लगाई है?

UFlex और अमेरिका की Spectra Systems ने मिलकर इस प्रोजेक्ट के लिए संयुक्त बोली जमा की है।

किन नोटों का फील्ड ट्रायल होगा?

प्रस्तावित फील्ड ट्रायल में ₹10 और ₹20 के पॉलिमर नोट शामिल हैं।

क्या पुराने ₹10 और ₹20 के नोट बंद हो जाएंगे?

फिलहाल ऐसा कोई निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। पॉलिमर नोटों का फील्ड ट्रायल अलग प्रक्रिया है और मौजूदा नोटों को बंद करने का अर्थ इससे स्वतः नहीं निकलता।

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