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रेल कर्मचारियों के बोनस की गणना में बदलाव की मांग, पुरानी वेतन सीमा पर जताया असंतोष

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एनई रेलवे मेंस कांग्रेस के मंडल मंत्री रजनीश तिवारी बोले— ₹7,000 की सीमा की समीक्षा कर महंगाई के अनुरूप तय किया जाए बोनस

बरेली@bareillylive:बरेली/इज्जतनगर। वर्ष 2025-26 के लिए रेल कर्मचारियों को 78 दिनों का उत्पादकता आधारित बोनस (पीएलबी) देने की घोषणा के बाद बोनस की गणना के आधार को लेकर असंतोष सामने आया है। कर्मचारियों का कहना है कि बोनस की गणना के लिए ₹7,000 प्रतिमाह की पुरानी वेतन सीमा का इस्तेमाल किया जाना वर्तमान महंगाई और आर्थिक जरूरतों के अनुरूप नहीं है। इस आधार पर बोनस की राशि ₹17,951 बनती है।

एनई रेलवे मेंस कांग्रेस के इज्जतनगर मंडल मंत्री रजनीश तिवारी ने बोनस की गणना में संशोधन की मांग करते हुए कहा कि महंगाई लगातार बढ़ रही है। दैनिक जरूरतों के साथ बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और परिवार के भरण-पोषण पर होने वाला खर्च भी बढ़ा है। ऐसे में वर्षों पुरानी वेतन सीमा के आधार पर बोनस की गणना करना कर्मचारियों की अपेक्षाओं के अनुरूप नहीं है।

उन्होंने कहा कि कोल इंडिया और स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) जैसे सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में बोनस और प्रोत्साहन राशि की व्यवस्था को देखते हुए रेल कर्मचारियों को मिलने वाले बोनस पर भी गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। कर्मचारियों के योगदान और मौजूदा आर्थिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए बोनस की गणना के आधार में बदलाव जरूरी है।

वेतन सीमा की समीक्षा की उठाई मांग

रजनीश तिवारी ने कहा कि सातवें केंद्रीय वेतन आयोग का कार्यकाल समाप्त होने और आठवें वेतन आयोग की प्रक्रिया आगे बढ़ने के बीच बोनस की गणना के लिए पुरानी वेतन सीमा का बने रहना चिंता का विषय है। वेतन संरचना और महंगाई में हुए बदलावों को ध्यान में रखते हुए मौजूदा व्यवस्था की समीक्षा की जानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि भारतीय रेल के कर्मचारी परिचालन, संरक्षा, इंजीनियरिंग, सिग्नल एवं दूरसंचार, यांत्रिक और विद्युत सहित विभिन्न विभागों में कठिन परिस्थितियों में सेवाएं देते हैं। रेल व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने में कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसके बावजूद बोनस की गणना में पुरानी वेतन सीमा का इस्तेमाल होने से कर्मचारियों में उपेक्षा की भावना पैदा होती है।

रेल मंत्रालय से की चार मांगें

रजनीश तिवारी ने भारत सरकार और रेल मंत्रालय से उत्पादकता आधारित बोनस की गणना के लिए निर्धारित ₹7,000 की वेतन सीमा की समीक्षा करने, वर्तमान महंगाई और वेतन संरचना के अनुरूप इसमें संशोधन करने, अन्य सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में लागू बोनस व्यवस्थाओं का तुलनात्मक अध्ययन करने और मान्यता प्राप्त कर्मचारी संगठनों के साथ वार्ता कर समाधान निकालने की मांग की।

उन्होंने कहा कि एनई रेलवे मेंस कांग्रेस, इज्जतनगर मंडल रेल कर्मचारियों के हितों और अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। बोनस के मामले में न्यायसंगत व्यवस्था लागू होने तक संगठन लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से अपनी मांग उठाता रहेगा।

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