BareillyLive: पर्वतीय समाज द्वारा कुर्मांचल नगर में आयोजित रामलीला के पांचवें दिन रामायण के प्रमुख प्रसंगों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। राम-सुग्रीव मिलन, बाली वध, हनुमान-रावण संवाद, लंका दहन और विभीषण शरणागति के भावपूर्ण मंचन को देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। विशेषकर हनुमान जी द्वारा लंका दहन का दृश्य देखकर मंच पर जय श्रीराम और जय हनुमान के जयकारे गूंज उठे। रामलीला में लंका दहन के प्रसंग को कलाकारों ने अभिनय और संवादों के माध्यम से जीवंत रूप दिया, जिससे दर्शक भावविभोर हो उठे।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. बृजेश यादव रहे, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. विनोद पागरानी उपस्थित रहे। इस अवसर पर भाजपा के पूर्व जिला मंत्री यतीन भाटिया तथा महापौर उमेश गौतम के निजी सचिव दिनेश पांडे भी मंच पर विराजमान रहे। अतिथियों ने रामलीला के मंचन की सराहना की और पर्वतीय समाज को हर संभव सहयोग देने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी समाज के सांस्कृतिक आयोजनों में पूर्ण सहयोग जारी रहेगा।
रावण की भूमिका चंद्र प्रकाश जोशी ने और हनुमान जी की भूमिका गर्वित जोशी ने निभाई। दोनों कलाकारों के बीच हुए संवाद ने दर्शकों का ध्यान बांधे रखा और उनकी प्रस्तुति पर खूब तालियां बजीं। हनुमान जी के लंका प्रवेश, रावण दरबार में संवाद और फिर जलती पूंछ से लंका दहन के दृश्य ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया। रामलीला में हनुमान जी के साहस, भक्ति और पराक्रम का चित्रण विशेष रूप से सराहा गया।
उद्घोषक पूरन दानू और सोमा परिहार ने अपनी मधुर वाणी तथा उत्साहवर्धक प्रस्तुति से कार्यक्रम को और भव्य बनाया। उन्होंने प्रत्येक प्रसंग को रोचक ढंग से दर्शकों तक पहुंचाया, जिससे रामलीला का आनंद दोगुना हो गया। मंच पर हारमोनियम वादक गिरीश पांडे और तबला वादक हिमांशु नैलवाल ने संगीत की प्रस्तुति दी। दिव्या नैनवाल, नंदिनी अधिकारी और चंद्रा दियोलिया ने भी अपनी विशेष भूमिका निभाई। मीडिया प्रभारी देवेंद्र रावत का आयोजन के प्रचार-प्रसार में विशेष योगदान रहा।
पर्वतीय समाज के अध्यक्ष देवेंद्र सिंह दियोलिया ने बताया कि मुख्य अतिथि ने समाज को पूर्ण सहयोग देने का आश्वासन दिया है और कहा है कि भविष्य में भी हर प्रकार की सहायता करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि रामलीला केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि भगवान श्रीराम के आदर्शों, संस्कृति और परंपराओं को आगे बढ़ाने का सशक्त संदेश है। रामलीला के मंचन से समाज में सद्भाव, भक्ति और सांस्कृतिक चेतना का संचार होता है।
महासचिव डॉ. नरेंद्र सिंह बिष्ट ने कहा कि समाज के सभी पदाधिकारी और कार्यकर्ता पूरी मेहनत, लगन और जोश के साथ रामलीला को भव्य एवं सफल बनाने में जुटे हुए हैं। उन्होंने कलाकारों, संगीतकारों, उद्घोषकों और स्वयंसेवकों के योगदान की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि आगामी दिनों में भी रामलीला के प्रसंगों को और अधिक आकर्षक बनाया जाएगा।
इस अवसर पर कुंवर सिंह बिष्ट, इंदर सिंह बिष्ट, पूर्व सभासद मदन सिंह, उमेश बिनवाल, आनंद सिंह मेहता, चंद्रप्रकाश जोशी, तारा जोशी, जगदीश बिष्ट, नरेंद्र बिष्ट, भुवन पांडे, गोधन सिंह बिष्ट, राजू भट्ट, दीपक धौनी, महेश भट्ट और दीपक कलोनी आदि गणमान्य लोग उपस्थित रहे। रामलीला के पांचवें दिन का यह आयोजन भक्ति, संस्कृति और सामुदायिक एकता का जीवंत उदाहरण बना।







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