@bareillylive: एसआरएमएस रिद्धिमा में रविवार, 01 नवंबर 2026 की शाम कथक प्रस्तुति ‘रहस’ के माध्यम से ठुमरी के मधुर रंग बिखर उठे। कथक गुरुओं और विद्यार्थियों ने अपनी अद्भुत नृत्य प्रतिभा से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। प्रस्तुति का आरंभ ‘मोहे पनघट पे नन्दलाल’ से हुआ, जिसमें विद्यार्थियों ने कृष्ण भक्ति और ठुमरी के भावों को सुंदर अभिनय के साथ प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम में गौरिका, नायरा, नितारा, करुणया, मीरा, अनुभूति, नित्या अग्रवाल, गौरवी, गुरनूर, खुशी, वर्णिका, बबिता, दीक्षा, जाह्नवी, नीरू, निकिता, डॉली, अपूर्वा, शोखी, मधुर, अनाया, पर्णिका, अनिका, जोया, गायनवी, गौरा, अवियाना, आयत, समृद्धि, इक्शा, त्रिज्ञानशि, काइरा, विवक्षा, नित्या ढींगरा, वैदेही, प्रकृति, ऋत्विका, नूपुर, सपना, नियति, सुषमा, तृप्ता और क्षमा सहित अनेक विद्यार्थियों ने भाग लिया।
विद्यार्थियों ने ‘सवाई गिरधर मोरे’, ‘सब बनठन आई श्याम’, ‘कहे करात मोसे’ और ‘डगर चालत देखो श्याम’ जैसे ठुमरियों पर अपनी नृत्य कला का प्रदर्शन कर दर्शकों की वाहवाही बटोरी। विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के लिए कथक गुरु देबज्योति नस्कर स्वयं मंच पर आए और ‘बिहारी को आपने बस कर पाऊं’ पर मनमोहक प्रस्तुति दी। कथक गुरु रियाश्री चटर्जी ने ‘लट उलझी’ पर बेहतरीन नृत्य प्रस्तुत किया। ‘कहे छेड़’ पर देविशा मूर्ति की प्रस्तुति ने सभागार में उपस्थित दर्शकों को तालियां बजवा दीं।
कार्यक्रम के अंत में कथक गुरु अंशु कुमार शर्मा और विद्यार्थियों ने ‘चंचल चपल चतुर नर’ पर समूह नृत्य प्रस्तुत किया। तबला पर अमरनाथ, पखावज पर ऋषभ आशीष पाठक, सितार पर सीमा, हारमोनियम पर पवन भारद्वाज और सारंगी पर ध्रुव त्रिपाठी ने संगत दी। गायन में प्रियंका ग्वाल और सात्विक मिश्रा ने अपनी मधुर आवाज से कार्यक्रम को और भावपूर्ण बनाया।
इस अवसर पर एसआरएमएस ट्रस्ट के संस्थापक एवं चेयरमैन देव मूर्ति जी, आशा मूर्ति जी, आदित्य मूर्ति जी, ऋचा मूर्ति जी, देविशा मूर्ति जी, उषा गुप्ता, डा. रजनी अग्रवाल, सुभाष मेहरा, डा. निर्मल यादव, डा. एमएस बुटोला, डा. प्रभाकर गुप्ता, डा. अनुज कुमार, डा. शैलेश सक्सेना और डा. रीता शर्मा सहित शहर के गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम को दर्शकों से भारी सराहना मिली।






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