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उत्तर प्रदेश : स्वास्थ्यकर्मियों पर हमले करने वालों से निपटने को और सख्त कानून बनेगा

मुख्यमंत्री ने कहा कि कहा कि कोरोना वायरस से जंग में मेडिकल टीम को सुरक्षित रखना अत्यंत आवश्यक है। इसके लिए पर्याप्त संख्या में पीपीई किट और एन 95 मास्क उपलब्ध हों यह आवश्यक है।

लखनऊ। कोरोना वायरस महामारी के खिलाफ जंग में सबसे आगे रहकर “अदृश्य दुश्मन” से सीधा मोर्चा ले रहे स्वास्थ्यकर्मियों पर हमले और तोड़फोड़ की घटनाओं से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बेहद नाराज हैं। ऐसी घटनाओं में शामिल इंसानियत के दुश्मनों से निपटने के लिए उन्होंने और सख्त कानून बनाने और इसके लिए उत्तर प्रदेश महामारी रोग अधिनियम 1897 में संशोधन करने का निर्देश दिया है। गौरतलब है कि केंद्र सरकार ऐसे अराजक तत्वों को कड़ी सजा और अर्थदंड देने के लिए पहले ही अध्यादेश ला चुकी है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को लोकभवन में कोविड-19 के संबंध में गठित समितियों के अध्यक्षों के साथ समीक्षा बैठक की। अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह और चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुरेश खन्ना को निर्देश दिए हैं कि विभिन्न कोविड अस्पतालों में 52 हजार और बेड की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। स्वास्थ्य विभाग के एल-1 अस्पताल में 10 हजार बेड, एल-2 अस्पतालों में 5 हजार बेड और एल-3 अस्पताल में 2 हजार बेड यानी कुल 17 हजार बेड बढ़ाने के लिए भी कहा है। इसी प्रकार चिकित्सा शिक्षा विभाग में एल-1 अस्पताल में 20 हजार बेड, एल-2 अस्पताल में 10 हजार बेड और एल-3 अस्पताल में 5 हजार बेड यानी कुल 35 हजार बेड बढ़ाने के लिए भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कहा कि कोरोना वायरस से जंग में मेडिकल टीम को सुरक्षित रखना अत्यंत आवश्यक है। इसके लिए पर्याप्त संख्या में पीपीई किट और एन 95 मास्क उपलब्ध हों यह आवश्यक है। उन्होंने निर्देश दिया है कि कोविड अस्पतालों में आयुष चिकित्सकों और पैरामेडिक्स को भी प्रशिक्षण दिया जाए। इसके साथ ही उन्होंने व्यपक स्तर पर टेस्टिंग करने का निर्देश फिर से दिया है। जो लोग अन्य राज्यों से आ रहे हैं, उनको क्वारंटाइन करने के साथ पूल टेस्टिंग भी कराई जाए। 

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