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बिजली सुधार की “स्काडा योजना” के तहत बरेली महानगर में कराए कार्यों की हो जांच, उपजा प्रदेश उपाध्यक्ष ने सीएम को भेजा पत्र

बरेली। कोरोना वायरस संक्रमण काल में भी बरेली महानगर में बिजली की कटौती, लो बोल्टेज एवं पूर्व में बिजली सुधार के लिए आई “स्काडा योजना” में हुए निम्नस्तरीय कार्यो की जांच की मांग उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री एवं ऊर्जा मंत्री से की गई है।

यूपी जर्नलिस्ट एसोसिएशन (उपजा ) के प्रदेश उपाध्यक्ष निर्भय सक्सेना ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एवं ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा को मेल भेज कर कहा है कि जहां सरकार प्रदेश में निर्बाध बिजली सप्लाई के लिए निरंतर प्रयास कर रही है, वहीं बरेली में आंधी-बारिश होने पर बिजली घंटो गायब हो जाती है। कुतुबखाना बिजली स्टेशन के क्षेत्र में सभी फीडर पर ओवरलोड के कारण बिजली की कटौती एवं आवाजाही रोजाना की समस्या है। विद्युत स्टेशन पर जब भी पूछते हैं तो जवाब मिलता है कि बिजली स्टेशन पर भी ऊपर से लो बोल्टेज की समस्या बरकरार है। यही हाल राजेन्द्र नगर एरिया में भी है।

मेल से भेजी गई शिकायत में कहा गया है कोरोना काल में आजकल बरेली महानगर में रोस्टर सिस्टम के तहत आधा बाजार बंदी के बावजूद सभी फीडर ओवरलोड रहना समझ से परे है। आरोप लगाया गया है बिजली सुधार में लिए बरेली में कुछ साल पूर्व आई “स्काडा योजना”  की धनराशि भी कुछ अधिकारी हजम कर गएऔर यह योजना कागजो में ही पूरी हुई थी। इसका खामियाजा बरेली के लोग आजकल बिजली कटौती के रूप में भुगत रहे हैं। ऐसे में बरेली में “स्काडा योजना” के गोलमाल की जांच किसी एजेंसी से कराई जाए, ताकि बंदरबांट का खुलासा हो सके और भाजपा सरकार में जनता को बिजली कटौती से राहत मिल सके।

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