The Voice of Bareilly since 2010

फूटा आक्रोश ..आतंकियों को भेज जहन्नुम लाल-लाल सावन कर दो

aakrosh sabhaबरेली। ‘अब अपने 56 इंची को सत्तावन कर दो, आतंकियों को भेज जहन्नुम लाल-लाल सावन कर दो।’ 
कुछ इसी अंदाज में गुरुवार को शहर के आम जनमानस, बुद्धिजीवियों, चिकित्सकों, पत्रकारों, शिक्षकों और संतों ने एक स्वर में अमरनाथ यात्रियों पर हमला और उनकी हत्या पर जबर्दस्त आक्रोश व्यक्त किया। सभी ने सुर में सुर मिलाकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से कहा कि अब सहन नहीं होता पाकिस्तान का स्थायी इलाज होना ही चाहिए। लोगों को आक्रोश के प्रकटीकरण का मंच उपजा प्रेस क्लब ने अपने सभागार में आक्रोश सभा का आयोजन करके प्रदान किया था। आक्रोश सभा के बाद सभी ने प्रेस क्लब से पटेल चैक तक कैण्डिल मार्च निकाला और वहां मोमबत्तियां जलाकर शहीद सैनिकों और हुतात्माओं को श्रद्धांजलि अर्पित की।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए आचार्य संजीव गौड़ ने कहा कि सावन का पवित्र महीना चल रहा है। अमरनाथ यात्रा जारी है। जिन कायरों ने बाबा बर्फानी के भक्तों की हत्या की है, उनका अंत निश्चित है। अभी उन्होंने भोलेनाथ की कृपा देखी है, खुला हुआ तीसरा नेत्र नहीं देखा। बस, कुछ दिन प्रतीक्षा कीजिए।
आरएसएस के महानगर संघ चालक रमेश जी ने कहा कि भारतवर्ष की मूल आत्मा हिन्दुराष्ट्र की है। हिन्दुस्तान की जो संस्कृति है, मुसलमान भी उसी का अंग हैं। अमरनाथ यात्रियों की हत्या हिन्दुस्तान की आत्मा पर हमला है। इसे किसी भी सूरत में सहन नहीं किया जा सकता।
उपजा के जिलाध्यक्ष पवन सक्सेना ने कहा कि जनता में आक्रोश है। आये दिन हमारे सैनिक आतंकियों के हमले में शहीद हो रहे हैं। उन्होंने कांधार विमान अपहरण का जिक्र करते हुए कहा कि हमें उस वक्त 176 यात्रियों के लिए पांच आतंकी छोड़ने पड़े थे। इसी तरह रुबिया सईद के अपहरण के बाद भी आतंकी छोड़ने पड़े थे। यह सब आम लोगों के दवाब में करना पड़ा था। कहा कि देश की आजादी के लिए हजारों लोगों ने शहादत दी थी। अगर उन यात्रियों के परिजन में किसी एक ने भी कहा होता कि आतंकी मत छोड़ना तो सरकार का मनोबल बढ़ता। उन्होंने प्रधानमंत्री से अपील की कि आपको जो निर्णय लेना हो लीजिए, लेकिन पाकिस्तान और आतंकवाद का स्थायी इलाज अब जरुरी हो गया है। पूरा देश और उसकी जनता आपके साथ है।
विधि विशेषज्ञ शिरीष मेहरोत्रा ने पाकिस्तान से निपटने के विधि सम्मत तरीकों की चर्चा की। कहा कि एक जिम्मेदार राष्ट्र होने के नाते हम कोई ऐसा कदम नहीं उठा सकते जिसका हमें बाद में पछतावा हो। उन्होंने कहा कि जनता का आक्रोश जायज है लेकिन विश्व पटल पर भारत का विशेष स्थान है।
बदायूं से आयीं एडवोकेट आशा दीक्षित ने बताया कि अभी अमरनाथ यात्रा से लौटीं हैं। उन्होंने बताया कि जिस वक्त गुजरात की बस पर आतंकी हमला हुआ, उनकी बस कुछ आगे थी। इससे पहले उनकी बस पर भी कश्मीरियों ने पथराव किया था। सेना के जवानों ने किसी तरह यात्रियों को सुरिक्षत निकाला। यह सब बताते हुए उनके चेहरे पर आतंक की चश्मदीद गवाही के भाव देखे जा सकते थे।
बाल रोग विशेषज्ञ डा. रवि खन्ना ने कहा कि भय के बिना प्रीत नहीं होती है। इसलिए जब तक आतंकियों को उनकी भाषा में जवाब नहीं दिया जाएगा शान्ति स्थापित नहीं हो सकती।
हड्डी रोग विशेषज्ञ डा. प्रमेन्द्र माहेश्वरी ने कहा कि हम अपनी सेना और सैनिकों की वजह से ही सुरक्षित हैं। ऐसे में हमें उनका कृतज्ञ होना चाहिए। उन्होंने टीआरपी मीडिया को भी आड़े हाथों लेते हुए कहा कि खबर देशहित में ही होनी चाहिए न कि सनसनी फैलाने के लिए।
aakrosh sabhaभाजपा नेता गुलशन आनन्द सड़क पर उतरकर मार-काट करना हिन्दु संस्कार नहीं है। उन्होंने कहा कि यह कुछ लोगों का तरीका है कि किसी को कार्टून डेनमार्क में बना आक्रोश भारत में दिखायी दिया। उन्होंने कहा कि हिन्दू वीर शिवाजी का वंशज है, महाराणा प्रताप की संतान है। उसे दुश्मनों से निपटना आता है। वह दिन दूर नहीं जब पाकिस्तान का नामोनिशान मिट जाएगा।
नेत्ररोग विशेषज्ञ डा. एम.एस. बासु ने कहा कि जब तक पाकिस्तान है शान्ति नहीं मिल सकती। उन्होंने सरकार से कहा कि चाहे हमला करो या कूटनीति पाकिस्तान को भारत में मिलाकर खत्म कर दो आतंकवाद खुद ही खत्म हो जाएगा।
पूर्व मेयर डा. सीपीएस चैहान ने कहा कि सरकार जो चाहे कार्रवाई करे, पूरा देश उनके साथ है। वरिष्ठ पत्रकार निर्भय सक्सेना ने कहा कि जनता में आक्रोश बेहद बढ़ता जा रहा है। ऐसे में सरकार को जनभावनाओं के अनुसार कार्रवाई करनी ही चाहिए।
इसके अलावा वीरेन्द्र अटल, डा. अशोक वैश्य, पूर्व ब्लाक प्रमुख नरेश सोलंकी, पंडित सुशील पाठक, जेसी पालीवाल, संजीव गंभीर, संजीव अग्रवाल, सरदार सुरजीत सिंह, क्रेडाई के सुनील गुप्ता, सुरेश गुप्ता, पूर्व प्रधानाचार्य विनोद गुप्ता, प्रवेश वर्मा, विकास सक्सेना, रजनीश सक्सेना, संजय शर्मा, संजय शुक्ला, कायस्थ समाज के वेद प्रकाश सक्सेना कातिब, कायस्थ चेतना मंच के अध्यक्ष संजय सक्सेना, महेन्द्र मनुज आदि ने भी विचार व्यक्त किये।
संचालन आलोक प्रकाश ने किया। आभार उपजा के महामंत्री धमेन्द्र सिंह बंटी ने व्यक्त किया। एनयूजे के राष्ट्रीय महामंत्री रतन दीक्षित एवं उपजा के अध्यक्ष दीपक अग्निहोत्री और महामंत्री रमेश चंद जैन ने अपना संदेश भेजकर आयोजन की सफलता पर बधाई दी।
इस अवसर पर अर्बन कोआपरेटिव बैंक के उपाध्यक्ष परमजीत सिंह ओबराय, अमित सक्सेना, अखिलेश सक्सेना, पिछड़ा वर्ग के जिलाध्यक्ष शिवमंगल सिंह, केन्द्रीय मंत्री संतोष गंगवार के एपीएस रमेश जैन आदि समेत बड़ी संख्या में शहर के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। आयोजन में विशेष सहयोग पुत्तन सक्सेना, विशाल गुप्ता, सचिन श्याम भारतीय, अनुराग निर्मल, पंकज शर्मा, देव सिंह, फिरासत हुसैन, जनार्दन आचार्य, सुभाष चौधरी और जितेन्द्र वर्मा आदि का रहा।
error: Content is protected !!