The Voice of Bareilly since 2010

नगर पालिका आंवला : तोड़ दिया पूर्व अध्यक्ष के नाम का पत्थर, जानिये क्यों..?

नगर पालिका आंवलाआंवला। नगर पालिका में निजाम बदलने के बाद अब राजनीति के पैंतरे भी बदल गये हैं। पालिका प्रशासन ने पिछले अध्यक्ष के नाम का एक शिलालेख तोड़कर कचरे में डाल दिया। इस पर पूर्व पालिकाध्यक्ष आबिद अली ने कड़ी प्रतिक्रिया जतायी है। जबकि वर्तमान पालिकाध्यक्ष इसे सामान्य बात बता रहे हैं।

बता दें कि पिछले कार्यकाल में तत्कालीन पालिकाध्यक्ष आबिद अली ने पालिका परिसर से लगे हुए पालिका सभागार का जीर्णोद्धार कराया था। यहीं उन्होंने इस काम को कराने का श्रेय लेते हुए वहां अपने नाम का एक शिलालेख लगवाया था। इसी शिलालेख को तोड़ा गया है। इस शिलालेख पर सैयद आबिद अली के साथ ही पूर्व बोर्ड के सभी सदस्यों के नाम भी लिखे थे।

बोले पूर्व पालिकाध्यक्ष आबिद अली

पूर्व चेयरमैन सैय्यद आबिद अली ने इस तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि बीते एक साल से प्रदेश सरकार जनता को गुमराह कर रही है। इसी तरह चेयरमैन संजीव सक्सेना भी पिछले 4 महीनो में जनता का भरोसा जीत नहीं पाए हैं। ऐसे में अब वह हमारे कार्यकाल में हुए विकास कार्यों के पत्थर तुड़वाकर अपनी ओछी मानसिकता का परिचय दे रहें हैं। सरकारें आती जाती रहती हैं, सोचो यदि सरकार बदली तो उनके लगाए गए पत्थरों का क्या होगा।

उन्हांने दावा किया कि नगर में उन्होंने अपने कार्यकाल में सर्वाधिक विकास कार्य किए है। विभिन्न स्वागत द्वारों व विकास कार्यो पर पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव व आजम खां के नाम सहित सभासदों के नाम अंकित हैं, हिम्मत है तो उनको तोड़कर दिखाएं।

उन्होंने कहा कि मुझे खुशी होती यदि वह मुझसे ज्यादा विकास कार्य कराकर अपने नाम के शिलालेख लगवाते। पत्थर तोडे़ जाने से उनके विकास कार्यो को न छिपाया जा सकता है और न ही झुठलाया जा सकता है।

बोले संजीव सक्सेना

वहीं पालिका के वर्तमान चेयरमैन संजीव सक्सेना का कहना है कि अब नया बोर्ड है तो नए पत्थर व नये शिलालेख ही लगेंगे, पुराने वालों का क्या काम?

error: Content is protected !!