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No Connectivity : न बैंकिंग-न रजिस्ट्री, डाकसेवाओं को तरस रहे 84 गांव के लोग

रामनगर स्थित डाकघरआँवला (बरेली)। उसके पिता बीमार हैं। वह दो महीनों से डाकघर के चक्कर लगा रहा है कि उसके सावधि जमा का 72 हजार का चेक उसे मिल जाये। जिससे वह भुगतान लेकर पिता का इलाज करा पाये। महीनों हो गये, लोग आते हैं रजिस्ट्री या स्पीड पोस्ट करने लेकिन लौट जाते हैं बैरंग। कोई आता है खाते में पैसे जमा करने तो कोई निकालने। लेकिन होता कुछ नहीं। बहाना- कनेक्टिविटी नहीं है। बिना तारीख की छुट्टी की दरख्वास्त़ रखकर प्रभारी गायब। फोन पर सम्पर्क किया तो बताया कि स्वास्थ्य खराब है। लोग परेशान हैं। जी हां, यही हालात हैं आंवला तहसील के कस्बे रामनगर स्थित डाकघर के। आज बरेली लाइव की पड़ताल में कुछ ऐसे ही तथ्य सामने आये।

बता दें कि सरकार बैंकों की तर्ज पर डाक सेवाओं का उच्चीकरण कर प्रत्येक ग्राम में बैंकिंग व अन्य सेवाएं बाहल करने का दावा कर रही है। वहीं क्षे़़़त्र के ब्लाक रामनगर स्थित डाकघर सबकुछ ‘‘मेरी मर्जी’’ की तर्ज पर चल रहा है। लोगों की शिकायत है कि डाकघर में बैंकिग सेवाएं पूरी तरह से ठप्प पड़ी हैं। इससे इस डाकघर से सम्बिंधित ग्राहकों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।

अक्सर गायब रहती है कनेक्टिविटी

ग्राहकों का कहना है कि यहां अक्सर कनेक्टिविटी गायब रहती है। ऐसे में कोई काम नहीं हो पाता। इसलिए यहां के कर्मचारी ग्राहकों को किसी भी काम के लिए 13 किमी दूर आंवला मुख्य डाकघर जाने के लिए कहते हैं। ऐसे में सावधि जमा खाता, मासिक जमा खाता आदि खाताधारकों को खासी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

बिना तारीख की छुटटी का प्रार्थना-पत्र रखकर गायब

सरकारी कर्मचारी किस तरह मनमानी करते हैं, इसका भी एक उदाहरण है रामनगर के डाकघर का स्टाफ। यहां तैनात प्रभारी डाक अधिकारी उप डाकपाल धर्मवीर सिंह बिना तारीख की छुटटी का प्रार्थना-पत्र रखकर गायब हो गए थे। जब फोन पर वार्ता की तो बताया कि उनका स्वास्थ्य ठीक नहीं है। वह आंवला से दवा लेकर अपने घर चले गये हैं।

यहां मौजूद एक ग्राहक सुनील सिंह यादव ने बताया कि उनका सुकन्या समृद्धि योजना का एक खाता चल रहा है। इसमें वह जब भी मासिक किस्त जमा करने आते हैं तो उनको कनेक्टिविटी, विद्युत, कम्प्यूटर खराब आदि की समास्याएं बताकर आंवला डाकघर भेज दिया जाता है। यहां स्टाफ की भी खासी कमी बतायी जाती है।

एक अन्य व्यक्ति रिंकेश सिंह ने आरोप लगाया कि उसके पिता का स्वास्थ्य काफी खराब है। उनकी सावधि जमा खाता के 72 हजार रुपये की रकम के चेक के लिए उन्हें दो माह से टहलाया जा रहा है।

अहिच्छत्र जैन मंदिर के प्रबन्धक ओमप्रकाश श्रीवास्तव ने बताया कि यहां स्थित डाकघर की सेवाएं भगवान भरोसे हैं। पिछले तीन-चार महीनों से यहां पर न तो लेन-देन हो या रजिस्ट्री का काम, कुछ भी सुचारु नहीं हो पा रहा है। ओमप्रकाश बोले- हमने इस बाबत उच्चाधिकारियों से भी अनेक बार फोन पर बात की परन्तु नतीजा सिफर ही रहा। बता दें कि इसी डाकघर से 14 अन्य डाकघर संचालित होते हैं जिनके अन्तर्गत करीब 84 गांव आते हैं। इनसे जुड़े लोग बहुत परेशान हैं।

अधिकारियों को बतायी हैं ग्राहकों की समस्याएं : धर्मवीर

यहां तैनात उप डाकपाल धर्मवीर सिंह ने फोन पर बताया कि वह स्वास्थ्य कारणों दवा लेने कार्यालय से आ गये हैं। उन्होंने ग्राहकों को हो रही परेशानियों को लेकर उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा है।

वरिष्ठ डाक अधीक्षक बोले-मेरी जानकारी में नहीं

इस बाबत जब बरेली जनपद के वरिष्ठ डाक अधीक्षक से बात की तो उन्होंने ऐसी किसी भी जानकारी से इनकार किया। बोले- कनेक्टिविटी तो कभी-कभार जाती है। नेटवर्क प्राब्लम हो सकती है। लेकिन यह संभव नहीं कि महीनों तक कनेक्टिविटी नहीं आये। मैं मामले को देखता हूं।

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