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RBMI में सकारात्मक सोच पर व्याख्यान, वोट देने की दिलायी शपथ

हरिद्वार, सिद्धपीठ श्रीदक्षिण काली मन्दिर, श्रावण भर होता है महारुद्राभिषेक, महामण्डलेश्वर कैलाशानन्द ब्रह्मचारी,

RBMIबरेली। रक्षपाल बहादुर मैनेजमेण्ट इंस्टीट्यूट में मंगलवार को ‘जिन्दगी न मिलेगी दुबारा‘ विषय पर विशिष्ट व्याख्यान का आयोजन किया गया, जिसमें प्रमुख वक्ता प्रसिद्ध मोटिवेशनल स्पीकर हिमेश मदान ने छात्र-छात्राओं को सकारात्मक सोच को बढ़ाने के टिप्स दिये।

कार्यक्रम का शुभारम्भ संस्थान की अधिशासी अध्यक्षा वीना माथुर एवं प्रबन्ध निदेशक नवीन माथुर एवं मुख्य वक्ता हिमेश मदान, मुख्य अतिथि क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी डाॅ0 आर0पी0 यादव, बरेली, प्राचार्य बरेली काॅलेज डाॅ0 सोमेश यादव तथा संस्थान के निदेशक डाॅ0 नीरज सक्सेना ने माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित करके किया।

क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी डाॅ0यादव ने कर्म के सिद्धान्त के बारे में बताया और छात्र-छात्राओं को अपना उद्देश्य निर्धारित कर उसी के अनुसार अपने उज्जवल भविष्य हेतु परिश्रम करने को प्रेरित किया। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं को मतदान की शपथ दिलाई गयी। बरेली काॅलेज के प्राचार्य डाॅ0 सोमेश यादव ने छात्र-छात्राओं को पढ़ने के साथ-साथ ज्ञान अर्जित करने को प्रेरित किया और कहा कि ज्ञान अर्जित करने से ही भविष्य उज्जवल होगा और जिन्दगी में सफलता प्राप्त होगी।

rbmiमुख्य वक्ता हिमेश मदान ने कहा कि हम सबको अपने कार्यों के लिए स्वयं को ही जिम्मेदार बनाना होगा, उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि यदि परीक्षा में विद्यार्थी फेल हो जाता है तो उसका जिम्मेदार वह विभिन्न प्रकार से शिक्षकों को, अभिभावकों को, प्रश्न पत्र को ठहराता है, जबकि यह जिम्मेदारी उसे स्वयं उठानी चाहिये अथवा अपने जीवन में छोटी-छोटी असफलताओं के लिये दूसरों को जिम्मेदार बनाना। इन सभी चीजों से ऊपर उठकर स्वयं को जिम्मेदार मानते हुए इस दिशा में बेहतरी के लिये कार्य करना होगा।

उन्होंने जिंदगी में लक्ष्य निर्धारित करने के लिये प्रेरित करते हुए कहा कि यदि किसी को यह नहीं पता होगा कि उसे करना क्या है तो वह चलने के लिये प्रोत्साहित नहीं होगा। हम बढ़ें, सब बढ़ें के विचार पर उन्होंने कहा कि जिन्दगी में सफलता तभी मिलती है जब आप सबके साथ मिलकर किसी संस्था एवं स्वयं के उद्देश्यों को पूरा करते हैं। छात्र-छात्राओं को किसी एक बात पर अपने मस्तिष्क को एकाग्र करने की क्षमता ही सफलता की ऊँचाईयों को छू लेने का अवसर प्रदान करती है।

उनके अनुसार जिन्दगी में लक्ष्य बड़े होने चाहिये। जितना ऊँचा हमारा लक्ष्य होगा, उतनी ही उसको प्राप्त करने की क्षमता हमारे अन्दर विकसित होगी। उन्होंनंे बताया केवल लक्ष्य निर्घारित करना ही आवश्यक नहीं है। अपितु उसके लिये लगातार प्रयत्न करना भी जरूरी है। इसके लिये उन्होंने छात्रों के समक्ष अनेक उदाहरण प्रस्तुत किये। उन्होंने छोटी-छोटी बातों से सीख लेने की जरूरत पर भी बल दिया, उनके अनुसार हमें अपने परिवार को भी आदर व सम्मान देना चाहिये, क्योंकि अगर हम समाज में आगे बढ़ना चाहते हैं तो उसमें हमारे परिवार का भी योगदान महत्वपूर्ण होता है।

उन्होंने बताया हमें हर कार्य को खुशी के साथ करना चाहिये। जैसे अगर हमें कोई भी समस्या है तो उसके लिये निरन्तर परेशान न होकर उसके समाधान के बारे में विचार करना चाहिये, तभी हम प्रसन्न रह सकते हैं।

कार्यक्रम में बरेली के साथ-साथ बदायूँ, शाहजहांपुर, फरीदपुर, पीलीभीत, रामपुर, बहेड़ी आदि स्थानों से छात्र-छात्राएं सम्मिलित हुये। आयोजन में संस्थान के निदेशक डाॅ0 नीरज सक्सेना, डाॅ0 विनीत अग्रवाल, निदेशक (इंजीनियंिरग), डाॅ0 आशीष मिश्रा, निदेशक (प्रशासन), डाॅ0 राजेश वर्मा, निदेशक (सी.एस. एण्ड आई.टी.), डाॅ0 विकास सक्सेना, डीन फार्मेसी, डाॅ0 डी0पी0 सिंह, डाॅ0 हुमायूँ रहमान, डाॅ0 पंकज अग्रवाल, डाॅ0 अमिता भटनागर, अमित गुप्ता, उदित अग्रवाल, मधुकर सक्सेना, अनुपम सक्सेना, अनूप सक्सेना, कुशल कटारिया सहित सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं का सराहनीय सहयोग रहा। अन्त में संस्थान के प्रबन्ध निदेशक द्वारा अतिथियों को स्मृति चिन्ह प्रदान किये गये।

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