The Voice of Bareilly since 2010

दिल्ली: लाल किला में बड़ी संख्या में घुसे प्रदर्शनकारी,फहराया निशान साहिब और किसान संगठन का झंडा

दिल्ली। आज शर्मनाक राष्ट्रविरोधी हरकतों से लाल किला बदहाल और लाचार किला में बदल गया। कृषि कानूनों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे किसान लाल किले के अंदर दाखिल हुए और अपना झंडा फहराया।दिल्ली के कई इलाकों में बवाल करते हुए आज लाल किले में घुस गए हैं।

लाल किला में बड़ी संख्या में इकट्ठा प्रदर्शनकारी किसान प्राचीर तक पहुंच गए और यहां ठीक उस जगह पर निशान साहिब और किसान संगठनों के झंडे लगा दिए हैं जहां, हर साल स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री तिरंगा फहराते हैं। हालांकि, कुछ ही देर में पुलिसकर्मियों ने इन झंडों को वहां से हटा दिया। इस दरौन नीचे खड़े प्रदर्शनकारी हूटिंग करते रहे। इसके बाद कई प्रदर्शनकारी गुंबदों पर झड गए और वहां भी झंडे लगा दिए।

कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसान आज दिल्ली-एनसीआर में ट्रैक्टर परेड निकाल रहे हैं। किसानों द्वारा रूट बदले जाने की वजह से ट्रैक्टर परेड में जमकर हंगामा हो रहा है। दिल्ली-एनसीआर में लाठीचार्ज और झड़प की खबरों के बीच अब प्रदर्शनकारी किसान दिल्ली के लाल किला में घुस गए हैं। बड़ी, संख्या में किसान लाल किले के आसपास जमा हो गए हैं और नारेबाजी कर रहे हैं। बड़ी संख्या मेंं तैनात पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोकने की कोशिश की लेकिन नाकाम रहे।

कृषि कानूनों के विरोध में प्रदर्शन कर रहे किसानों के राष्ट्रीय राजधानी के आईटीओ पहुंचने के बाद लुटियन दिल्ली की ओर बढ़ने की कोशिश पर पुलिस के साथ भिड़ंत हुई। पुलिस ने बल प्रयोग करते हुए लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले दागे। किसानों ने तय समय से पहले विभिन्न सीमा बिंदुओं से अपनी ट्रैक्टर परेड शुरू की। किसान अनुमति नहीं मिलने के बावजूद मध्य दिल्ली के आईटीओ पहुंच गए। प्रदर्शनकारियों ने जगह-जगह तोड़फोड़ की। ट्रैक्टरों को जानलेवा तरीके से सड़कों पर दौड़ाया। आईटीओ चौहारे पर जमकर उत्पात किया गया।

प्रदर्शनकारी हाथ में डंडे लेकर पुलिस कर्मियों को दौड़ाते हुए दिखे। पुलिस ने भी लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले छोड़कर भीड़ को तितर-बितर करने का प्रयास किया। निर्धारित समय से बहुत पहले ही सिंघू, टिकरी एवं गाजीपुर बॉर्डर से तिरंगे और विभिन्न किसान संगठनों के झंडे के साथ मार्च शुरू हो गया। सुरक्षा अधिकारी प्रदर्शनकारियों को निर्धारित रास्ते पर ही मार्च निकालने के लिए राजी करते नजर आए।

error: Content is protected !!