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बढ़ता खतरा : उत्तर प्रदेश में सात गुना तेज हुई कोरोना संक्रमण की रफ्तार, कासगंज में दोबारा लौटा कोरोना

लखनऊ। वैक्सीन आने के बाद की निश्चिंतता और लापरवाही ने कोरोना को “पंख” लगा दिए हैं। पूरे देश के साथ ही उत्तर प्रदेश में भी कोरोना वायरस संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। करीब ढाई महीने बाद 24 घंटों के दौरान कोरोना से संक्रमित सर्वाधिक 638 रोगी मिले हैं। इससे पहले 9 जनवरी को 646 रोगी मिले थे। कासगंज कोरोना मुक्त हो गया था लेकिन अब यहां भी नए रोगी मिले हैं।

उत्तर प्रदेश में बीती 1 मार्च को जब कोरोना के मात्र 87 रोगी मिले तो लगा कि संक्रमण की चाल थमेगी लेकिन फिर जो तेजी आई वह रुकने का नाम नहीं ले रही। अब एक दिन में सात गुना तक ज्यादा रोगी मिल रहे हैं। बीते 24 घंटे में लखनऊ में सबसे ज्यादा 232 रोगी मिले हैं। कासगंज में दोबारा संक्रमण वापस लौटा है जबकि 15 जिलों में संक्रमण बढ़ रहा है।

उत्तर प्रदेश में अब तक 6.08 लाख लोग कोरोना से संक्रमित हुए हैं जिनमें से 5.96 लाख ठीक हो चुके हैं। संक्रमण की वजह से अब तक 8,764 लोगों की मौत हुई है। फिलहाल राज्य में 3,844 एक्टिव केस हैं।

इस समय राजधानी लखनऊ में 954 कोरोना रोगी हैं। राजधानी सहित 15 जिलों में संक्रमण बढ़ा है जिनमें कानपुर, वाराणसी, गाजियाबाद, नोएडा, गोरखपुर, आगरा, बरेली, अलीगढ़, मुजफ्फरनगर, बलिया और आगरा शामिल हैं। प्रयागराज और मेरठ में लगातार केस कम हो रहे थे लेकिन मंगलवार को फिर बढ़ गए।

मार्च में 46 फीसद बढ़े एक्टिव केस

 उत्तर प्रदेश में सितंबर 2020 से लगातार कोरोना के घट रहे रोगियों का सिलसिला मार्च में आकर थम गया। जनवरी और फरवरी में क्रमश: 60-60 प्रतिशत एक्टिव केस कम हुए थे लेकिन मार्च में यह उल्टा तेजी से बढ़ गए। 1 मार्च को 2,078 रोगी थे और अब 3,844 एक्टिव केस हैं। यानी 1,766 रोगी बढ़े। ऐसे में कुल 46 प्रतिशत मरीज बढ़े हैं।

प्रदेश में कोरोना के लगातार बड़ते मामलों को देखते हुए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अमित मोहन प्रसाद ने लोगों से पूरी सतर्कता बरतने की अपील की है।

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